मन क्या है ? what is mind in Hindi

 “क्या करना चाहिए” आपके लिए one of the best content बना रहा है.  सिर्फ आपके जो ये आंखे है ना, ये हमें दे दीजिये. देखिये, कैसे आपको नई दिशा मिल जाएगी. कुछ करने के लिए.  ये ये जो टॉपिक है. ये आपकी पूरी लाइफ बदल देनें वाली है. becasue, सबसे जरुरी तो मेंटल फिटनेस ही है. विचारो से जीवन बदलते है. १०० % सही है ये वाक्य. इसक बारे मैं जितने बोले उतना कम है. अभी भी मैं ये आर्टिकल रहा. ये मेरा मन ही है. जो साडी बाते लिख रहा. मन ही है. बहुत मजा आने वाला है. चेतन और अवचेतन मन को जानने मैं . इस टॉपिक मैं. मैं आपको इसके सरे पहलु बता दूंगा. spirtulity, शास्त्र, practical सारे पहलू के उत्तर इस content मैं मिल जायेंगे.    

मन क्या है ?

हर तरह के language मैं इसका उत्तर देने का प्रयास करूँगा. बहुत ही आसान भाषा मैं आपको satisfaction मिल जायेगा. मन के दो हिस्से बताये गए है. चेतन और अवचेतन मन.

  • मन एक विचार निर्माण करने वाली मशीन है. जो एक के बाद एक विचार निर्माण होते ही रहते है. कभी रुकते नहीं.
  • बच्चे इसे , बंदर जैसा समजे जो एक डाली के उपर से दूसरी डाली पे jump करता है. उसको कभी ऐसा नहीं लगता की , एक जगह पे रुक के आराम करे. हमेशा चंचल रहता है.
  • शास्त्रों के अनुसार, दो तरह के शरीर है. gross body and settle body. सूक्ष्म शरीर मतलब settle body. इसमें तिन चीजे आती है. मन, बुद्धि, अहंकार. और जो हमारे इन्द्रिये और शरीर है. ओ आते है gross body मैं. तो मन हमारा एक सूक्ष्म शरीर है. जो एक भगवन का दिया गया, सबसे प्रभावशाली इन्द्रिये है. इसका श्लोक मैं निचे बता दूंगा की, कैसे भगवन श्री कृष्ण ने गीता मैं श्लोक से समजा दिया गया है. मन क्या है.
  • एकदम आसन भाषो मैं बता दू तो, गीली मिठी कैसे आकार देने से बदलती रहती है. वैसे हमारा मन काम करता है. आप उसे सुख दुःख मैं बदल सकते हो.
  • इस ब्रहमांड मैं सबसे तेज चीज कोई होगी तो ओह मन है. इस दुनिया मैं विज्ञान के अनुसार light की speed सबसे तेज है.
  • मन एक दोस्त और शत्रु दोनों का role करता है.
  • आपको अब एक example समजा देता हूँ. सुनिए ठिकसे. अगर आप ध्यान करने को बैठते है तो, अपने एक चीज नोटिस की होगी. आपके brain मैं बहुत सारे विचार आते है. and आप उस विचारो के पीछे भाग जाते है. उसके बाद आप भूल जाते हो की, आप मैडिटेशन कर रहे थे. ऐसा क्यूँ होता है? ये कोण है जो आपको ध्यान से भटका रहा. ये और कोई नहीं है. ये आपका अपना दोस्त मन ही है. जिधर से सारी problem चालू होती है. ये एक ऐसी kinetic energy है. जिसे आपके सिवा इसे कोई नहीं रोख सकता.

मन के प्रकार

  1. चेतन मन ( concious mind )
  2. अवचेतन मन ( subconcious mind )
  • चेतन मन ( concious mind )
  • आप के इन्द्रियेद्वरा कोनसी भी चीज के बारे मैं महसूस करते है. उसे experience करते है. उसके बारे मैं सोचते है. सोचने के बाद ये decide कर सकते है, क्या सही है? क्या गलत? मतलब की हमें उस चीज के बारे मैं knowledge भी रहती है. यानि की, उस part को हम inteligence कह सकते है. मतलब concious mind ( चेतन मन ) को बुद्धी कह सकते है.
  • आप के समज के लिए एक उदाहरण लेते है. आंखे हमारी इन्द्रिये है. right ! चलो किसी student की exam है कल but, टीवी पे आज उसकी favourite movie लगी है. then ओह अपना exam भूल के देखते रहता है. कुछ ही देर मैं उसको ये महसूस होता है की, कल exam है. अभी time waste करना सही नहीं है. देखिये, उस student की बुद्धि ने ये decision लिया की क्या सही और क्या गलत है. ऐसे हमारी concious mind कम करती है.
  • चेतन मन के बारे मैं और कुछ बोलू तो, आपको मैं ये भी बता सकता हूँ की. आपक शरीर सोता है तब, आपका चेतन मन पूरी तरह rest अवस्था मैं होता है. but आपकी शरीर में   जो भी process चल रहा होता है. उसके बारे मैं concious mind को कुछ भी पता नहीं होता. blood circulation, heartbeat के बारे मैं सोने के बाद किसे को महसूस होता है तो, मुझे whats app कीजिये ( ७७४४८१९१७२ ).
  • हम लोग चेतन मन को measure भी कर सकते हो. आप बोलोगे क्या पागलपण है. बल्कि ये सच है. चेतना ( conciousness ) मतलब simple feedback loop. इसे हम Thermostat unit मैं measure कर सकते है. कुछ ऐसे भी जिव है उनकी conciousnes level बहुत कम है. जो सिर्फ nature को महसूस करते है. मतलब पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का experience करते है. आपको example के साथ समजता हूँ. हमारे जो भी फूल है. level 1 की concious level बोल सकते है. मानव जाती पहली बार जब पानी मैं पैदा हुए थी तब, इस तरह का चेतन मन था. अब अगर बात करे तो rectile जाती की तो, उस मैं कुछ ही type की concious level होती है. जैसे की, reproduction, खाने के लिए शिकार करना. किसी शिकारी से बचना. उनके brain का पिछला हिस्सा सिर्फ develop हुआ रहता है. उसको हम level 2 बोल सकते है. अब बात करते है. mamals की, जो की सारे प्राणी जिव. उनका बिचका and पिछला brain का हिस्सा develope हुआ रहत है. उन जिव को खान पीना, मैथुन, आराम करना ये सब चीजे महसूस कर सकते है. बल्कि emotion भी महसूस करते है. इनको हम लोग level 3  मैं गिनते है. अब last हमारी मनुष्य की conciousness, जो की level 4 मैं आती है. उसके बार एमें हमने उपर सब कुछ discuss किया है.
  • अवचेतन मन ( subconcious mind )
  • एक ऐसे विचार जो आपके conciousness को push भी करते है और pull भी करते है.
  • आपके कोनसा decision सही और गलत है, इसके बिच मैं भी आता है.
  • कोई चीज बुरी है, आपके बुद्धि को पता है. ओ गलत है. but, subconcious mind बोलेगा. अच्छा लग रहा है करते रहो. शरीर संतुष्ट हो रहा है.
  • inshort, ये एक free messenger है. जो हमेशा आपको message का pop up देता रहेगा.
  • सबसे important बात, ये आपको past की बातो का experience देता रहेगा. अंदर ही अंदर आपको खुश करता रहेगा. but इसका एक बहुत बड़ा नुकसान ये है की, आपको focus करने नहीं देगा. और आपका time waste करता रहेगा.
  • आपको लगा रहा होगा हमारा अवचेतन मन negative impression करता है, but, ऐसा बिलकुल नहीं है. इतनी ब्रह्माण्ड मैं इससे ज्यादा powerful कोई नहीं है. मैं तोह सिर्फ अभी उसका behaviour बता रहा.
  • एक बात समजलो, ये जितना depression के लिए जिमेदार है. उतना ही successful , joyful life के लिए जिमेदार है.
  • जिन जिन लोगो ने इतिहास रचा हैना. just because of power of subconcious mind.
  • अगर कोई इंसान को कुछ करने के लिए कोई reason मिल गया ना. then ओ message subconcious mind बार बार आपको reminder देता रहेगा. focus को छोड़ना नहीं है. just because of that reason.
  • आपको कुछ करना हैना, then हमेशा अपने इन्द्रिये द्वारा subconcious mind मैं अपने goal के related चीजे अंदर डालते रहो. then आपको हमेशा ओ reminder मिलता रहेगा.   

चेतन और अवचेतन मन दोनों ख़ुशी और दुःख के करना हो सकते है. चलो आपको और अच्छी तरह समजा देते है. मन के नुकसान और फायदे बता देते है. 

मन अगर दोस्त और गुलाम है तो?

  • हमेशा आप positive and motivate रहोगे.
  • आपका focus and concentration बहुत अच्छी तरह हो जायेगा.
  • आपके इन्द्रिये आपके control मैं आ जाएगी.
  • हमेशा आप सही decison ले पाओगे.
  • आपसे कभी गलत कम नहीं होगा.
  • चेहरे पे आपके एक अलग तरह का तेज और मुस्करहट होगी.
  • brain washing करने की जरुरत नहीं होगी.
  • सबसे important depression, anxiety नहीं होगी.
  • life के konse भी पढाव मैं आप stable हो के decison ले पाओगे. 
  • सुख दुःख मैं भी आपका मन stable रहेगा.
  • आप एक अच्छा जीवन जी सकते है, कोई भी समस्या आपका कुछ बिगाड़ नहीं पायेगी.

अनगिनित मन के फायदे है. but, मन अगर आपका मित्र है तो.

अगर मन आपका शत्रु ओर राजा है तो ?

  • जो मन कहेगा ओ आप करोगे. and बाद मैं guilty feel करोगे.
  • जो आपके इन्द्रिये को ख़ुशी मिलेगी वाही मन करने को बोलेगो.
  • बुद्धि का विकास कम हो जायेगा.
  • चेतना शुद्ध नहीं रहेगी.
  • हमेशा मन मैं बुरे खयाल आते रहेंगे.
  • present मैं कम और past and future का experience मैं ज्यादा रहोगे.
  • depression, anxiety का शिकार हो जाओगे.
  • जीवन के konse भी पढाव मैं खुश नहीं रह पहोगे.
  • अंदर ही अंदर lonely feel करोगे.
  • अकेले रहोगे, किसी से बात करने की इछा नहीं करेगी.
  • relationship मैं कुछ उपर निचे हुआ तो. झेल नहीं पाओगे.   

मन के दो ही पहलु है. चेतन और अवचेतन मन . ओ एक सब की fav कविता नहीं क्या. “ मन के हारे हार है. मन के जीते जीत है.” पता सबको है, but, इसका पालन कोई नहीं करता. आपको अगर मन के बारे मैं और कुछ पढ़ना है. तो, मैं आपको suggest करता हूँ. “ श्रीमद भगवत गीता “ पढ़ना चालू करू. अगर आपको मन को दोस्त बनाना है.

दोस्तों, “क्या करना चाहिए” आपके improvement के लिए continue quality content ला रहा है. “मन” की सीरीज आपके जीवन मैं नया मोड़ ला सकती है. मैं यही बोलूँगा आप content पूरा पढ़ा कीजिये. शरीर एक न एक दिन weak हो जायेगा. But मन हमेशा शरीर से strong रहेगा. कुछ question रहेगा तो, comment मैं पुच सकते हो. You tube content बनाने का सोच रहे है. आप को सच मैं चाहिए तू बता सकते है. धन्यवाद!   


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