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डिप्रेशन से बाहर निकलने के लिए क्या करना चाहिए? ( How to overcome depression )

डिप्रेशन हर किसी को होता है. जहा पे सुख है. वहा पे दुख है. लेकिन ये इंसान कुछ ज्यादा ही expectation कर लेता है. अगर कोई आदमी काम क्यूँ करता है. क्यंकि, उसके जीवन मैं समृधि बनी रहे. but कुछ ऐसी घटनाये हो जाती है. जिससे दुःख के सागर मैं भी तेरना पड़ता है. सारा खेल हमारे मन के कारण ही होता है. मन को नियंत्रण करना आ गया तो, अपने आपके जीवन का दुःख युद्ध जीत लिया समाजो. but, इतना आसान भी नाही है. इसके लिए एक अच्छी lifestyle maintain करनी पड़ती है. जितने negative विचार आपके मन मैं चलते रहेंगे. उतने ही आप depression की तरफ बढ़ जायेंगे. आपकी realistic दुनिया मैं आपको जैसे चाहिए वैसा नहीं होता. इस कारण मन मैं असंतुलन निर्माण होता है. और आपको तनाव जैसी अजीब से feeling आने लगती है. but दोस्तों, क्या करना चाहिए का ये content आपको जरुर समाधान करेगा.

डिप्रेशन क्या होता है ( what is the meaning of depression )?

डिप्रेशन क्या होता है ?

तनाव हर किसी को होता है. then इसका मतलब ये नही की, आपको डिप्रेशन हो गया है. एक normal आदमी को अपने एक कोनसा तो काम दे दिया. और एक depress आदमी को भी दे दिया. but आपको बहुत different नजर आ जायेगा. एक normal इंसान पुरे उत्साही और एकाग्र के साथ काम कर रहा होता है. but तनावग्रस्त आदमी का focus नही रहता. उसको अजीब सी बैचैनी होनी लगती है. हर वक़्त विचारो से घेरा रहता है. बाद मैं अपने दोनों रिजल्ट compare करोगो गे तो, आपको एक precise and dull work नजर आयेगा. बाहर की दुनिया मैं क्या चल रहा है. इससे उसको कुछ लेना देना नहीं रहता. ओ सिर्फ उसके negative और past के विचारो मैं घेरा रहता है. अगर जल्दी से कुछ इलाज नहीं किया तो, sucide करने की कोशिस भी कर सकता है. मैं आपको मेरे एक दोस्त की बात बताता हूँ. जिससे आपको clear हो जायेगा की, depression किस हद तक हो सकता है.

हमारे मतिष्क मैं Neurotransmitters होते है. जो विशेष रूप से serotonin, dopamine or norepinephrine ख़ुशी और आनंद की भावनाओ को प्रभावित करती है. लेकिन depression के time यह सब असंतुलित होता है. जिसके कारण हमें तनावग्रस्त जैसे feel होता.    

personal example:

जब मैंने मेरे carrier की शुरुवात की है. उसके एक ही साल बाद मुझे एक नए दोस्त से मेरी मुलाकात हो गई. और मेरे carrier के journey मैं बहुत help हुई. but बहुत अच्छी दोस्त होने के बाद उसने मुझे उसके past के बारे मैं बताना चालू किया. ओ किसी रिलेशन मैं था. और एक दिन उसके gf ने उसे ditch किया. ये इतना प्यार करता था. उसे की भूल नहीं पा रहा था. इतना depress हुआ था की, उसको ठीक से खाना भी नही जा रहा था. हर वक़्त बही सवाल की, उसने ऐसा क्यूँ किया. ऐसा क्या कमी रह गयी थी की, मुझे छोड़ कर चली गयी. इतना ही नहीं, 2 month उसे फॉलो भी करता था. ओ जिधर जिधर जाती थी. उस हर स्पॉट पे जाकर उसका wait करता था. weight भी बहुत बढ़ गया था. मतलब पुरे १ साल तक वही हाल था. रात को अपने दोस्त को कॉल कर के वही बोलना की, मुझे क्यूँ छोड़ कर चली गई ओ, मैंने कुछ भी गलत नहीं किया था. दोस्त भी इतने अच्छे थे की, ओ depression से बाहर आने के लिए उससे बाते किया करते थे. उसको अकेला महसुस नहीं होने देते थे. एक टाइम उसने sucide करने का भी मन हुआ था. बहुत ही गहरा असर हुआ था. और हैरान की बात यही थी की, ओ लड़की अपने नए bf के साथ enjoy कर रही थी. उसको कुछ फरक भी पड नहीं रहा था. ये देख के उसे और बुरा लगा रहा था. and ओ अंदर से बहुत टूट चूका था.

अब मेरी बात सुनो दोस्तों, इतना सब होने के बाद भी आज मैं जिस दोस्त के साथ हूँ. उससे देखकर लगता भी नही था. की, ओ depression मैं था. and इतना intelligence, smart बिलकुल भी लगा नहीं था. की ओ depression मैं था. उसने मुझे बताया की, depression से बाहर आने के तरीके? क्या डिप्रेशन का इलाज हो सकता है? ये saari बाते मैं आपको share करने वाला हूँ. जो भी मेरा दोस्त depression का शिकार है. ये ब्लॉग जरुर पढ़े. कुछ मदत हो जाएगी.  

डिप्रेशन के प्रकार ( Types of Depression ):

डिप्रेशन के तिन प्रकार होते है.

  • मेजर डिप्रेशन ( Major Depression ):

डिप्रेशन की last स्टेज मतलब major डिप्रेशन. इस time उस आदमी को भूक, नींद कुछ भी नहीं लगती. इस वजह से उसकी शारीरक और मानसिक स्तिथि बिगड जाती है. उसको अगर सही वक़्त पर डॉक्टर को दिखाया नहीं गे तो, ओ sucide भी कर सकता है.

  • मॉडरेट डिप्रेशन ( Moderate Depression ):

इस तरह का depression १० और १५ दिन तक हो सकता है. इस वक्त आदमी को भूक नहीं लगती. और चिडचिडा स्वाभाव हो जाता है. अकेले रहता है. अगर सही वक़्त पर काउंसलिंग नहीं हुई तो major depression की तरफ आदमी चला जाता है.

  • माइल्ड डिप्रेशन ( Mild Depression ):

इस प्रकार depression मतलब जो normal लोगो को टेंशन और तनाव महसुस होता है. उसका next level मतलब mild depression. किसी दोस्त और घरवाले के साथ रहकर भी इस level को दूर किया जा सकता है. कुछ दिनों तक रह सकती है. हाँ, मुझे इस level का depression हुआ था. 4 दिन मैं depress था. जब मेरी gf की शादी फिक्स हुई थी. mutually decision था. फिर भी depress हुआ था. but, ये ज्यादा तर  ज्यादा १ week तक रहेगा. otherwise दो तीन दिन मैं चला जाता.

डिप्रेशन के लक्षण ( Symptoms of Depression ):

डिप्रेशन के लक्षण
  • हर समय उसके दिमाग मैं negative विचार आते रहते है.
  • बहुत चिडचिडा स्वाभाव हो जाता है. और बहुत ही कम बाते करेगा.
  • कोनसे भी काम मैं उसका मन नहीं लगता. मन को एकाग्र करना उसे बहुत परेशानी होती है.
  • हमेशा future की चिंता मैं रहेगा. present मैं कम और future मैं ज्यादा रहेगा.
  • कोनसी भी ख़ुशी के माहोल मैं भी किसी कोने मैं अकेले खड़ा रहेगा.
  • कोनसा भी decision लेने मैं असमर्थ रहता है.
  • उसने जो expect किया है. ओ पाने के लिए कोनसा भी कदम ले सकता है. उसको सही गलत की पहचान नही होती है.
  • उसको healthy खाना नहीं अच्छा लगता. junk food खाने की तरफ आकर्षित होता है.
  • failure का डर हमेशा उसके मन मैं रहता है.

डिप्रेशन से बचने के उपाय ( Prevention Tips for Depression ):

Attachment and Expectation यही दोनों मुख्य कारण है. अगर आपको depression से बचना है. तो इन दोनों से हमेशा बचके रहना चाहिए. कभी भी ये दोनों चीजे आपको feel होने लगी तो, लगेच alert होना. बाद मैं जाकर आपको कोई टेंशन नहीं रहेगा.

  • अगर आप किसी के साथ ज्यादा emotionally attach हो तो alert रहिये. अगर किसी कारण ओ आपके जिन्दगी से चली गए तो, आपको बहुत परेशानी से गुजरना पड़ेगा. so किसी भी attachment से दूर रहिये. चाहे ओ फॅमिली भी क्यूँ ना हो.
  • हाँ जहा attachment आती है. उसके बाद expectation बहुत बढ़ जाती है. अगर आपकी इछा complete नहीं हुई तो, आपको टेंशन वाला feel होगा. मुझे आपको यही बताना है, हमारे महाभारत मैं भी भगवन श्री कृष्णा ने एक श्लोक के द्वारा बताया गया है.

               कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
             मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

       श्री कृष्ण बता रहे है. आपको अपने किसी भी काम के फल की expectation नहीं रखनी है. एक responsibillity समज के करते रहना है. अगर पूरी निष्ठा से काम किया है. तो फल जरुर मिलेगा. अगर आप कुछ expect करोगे. और किसी कारण ओ नहीं मिला तो, आपको depress, hurting जैसा feel होगा. और आगे depression के शिकर बन जाओगे.

  • एक्सरसाइज इतना करे के की, पसीने से भीग जाने चाहिए. दिनभर आप इतने energetic रहोगे की, quality work हो जायेगा.
  • healthy food का diet हमेशा रहना चहिये. हाँ, १० दिन मैं एक बार आप कभी junk food खा सकते हो. कारण जैसे खान पान वैसे ही आदमी बन जाता है. स्वस्थ diet से मन सात्विक और शुद्ध होता है.
  • आपके पास एक daily schedule होना चाहिए. दिन भर आप कोन कोन से activity करने वाले है. जितना आप busy रहोगे. उतने ही तान तनाव से दूर रहोगे. खाली दिमाग शैतान का घर रहता. so डेली schedule होना चाहिए.
  • सुबह जल्दी उठना चाहिए. प्राणायाम, योगा करना चाहिए. सुबह की ताज़ी हवा मैं walking, running करना चाहिए.
  • positive और motivated मूवीज देखनी चाहिए. self improvement के बुक पढने चाहिए.
  • अगर कुछ दुर्घटना हुइ. तो, कुछ दिन के लिए अकेला रहने का टाल देना. अपने फॅमिली और दोस्तों के साथ कुछ दिन time बिताओ.
  • मन को शांत रखने के लिए. मैडिटेशन करने की आदत लगाये.

डिप्रेशन से बाहर निकलने के उपाय:

डिप्रेशन से बाहर निकलने के उपाय
  • पहले आप depression मैं किस चीज की वजह से जा रहे हो. ये जानलो. and अपने आप से पूछो, “क्या ये इतना important है, की मैं मेरा time waste कर रहा हूँ. मेरे carrier का क्या होगा. जो होता ओ अच्छे के लिए होता.” और आगे बढिए. ऐसे अपने आप से बाते कीजिये. affirmation एक ऐसी दवा है. किसी भी बीमारी से बाहर निकलने मैं मदत करती है.
  • हमेशा present मैं रहने की कोशिश कीजिये. इसिलए daily schedule बहुत important है. हमेशा alert रहिये. मन को नियंत्रण मैं रखिये. अगर future और past की यादे सता रही. तो, लगेच किसी work मैं busy हो जाएये.
  • मैं जब चार दिन disturb था, gf की छुट जाने से, तब मैंने सिर्फ श्रवनम किया. यानि की, सिर्फ listening song, lectures, comedy etc. जो आपको अच्छा लगे. भगवन एक अच्छी ताकद दी है. की हम कितनी भी देर सुन सकते है. so positive thoughts से मन को भर दीजिये. better feel होगा आपको. सबसे best तरीका है.
  • यदि आप को लगा रहा हो की, किसी भी कारण से चिंता और तनाव कम नहीं हो रहा. then आपको डॉक्टर से जरुर बात करनी चाहिए.        

डिप्रेशन मैं क्या खाना चाहिए? और क्या खाना नहीं चाहिए.

डिप्रेशन मैं क्या खाना चाहिए? और क्या खाना नहीं चाहिए.
  • आपको सात्विक आहार का सेवन करना चाहिए. live cell ऐसी चीजे आपको खानी चाहिए. जिससे आपका मन शुध्द रहेगा. ग्रीन vegetable आपके diet मैं होनी चाहिए.
  • गाजर, बिट ऐसी चीजो का सेवन होना चाहिए. जिससे आपकी इमुनिटी पॉवर बढ़ जाएगी.
  • काजू का सेवन किया तो, depression का असर कम हो जाता है.
  • बेर के फल का रस निकल कर जायफल पीसकर मिला दे. और इसक सेवन दिन मैं दो बार सेवन करे.
  • मोर्निंग को खाली पेट, निम्बू का रस, पानी, शहद, और हल्दी इनका मिश्रण करे. और पी लीजिये.
  • पेट साफ होना बहुत important है. इसिलए आप रत को त्रिफल चूर्ण दूध मैं मिलाकर पिया करे. सुबह पेट अच्छी तरह साफ हो जायेगा.
  • सेफ का सेवन करने से मानसिक तनाव कम होता है.

मैंने जो भी बाते आपसे discuss की है. ओ मुझे एक डिप्रेशन से गुजर ने वाला इंसान था. मतलब, मेरा दोस्त. लेकिन आज ओ इस मुकाम पर है की. उसे देख कर किसी को लगेगा नहीं की, ओ कभी डिप्रेशन का मरीज था. मुझे लगा की मैं भी डिप्रेशन से जो भी मेरा दोस्त गुजर रहा है. क्या करना चाहिए का ये आर्टिकल उसे जरुर मदत करेगा. And हम हमेशा आपके प्रॉब्लम solve करने जरुर आते रहेंगे.

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