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पर्सनालिटी डेवलपमेंट करने के लिए क्या करना चाहिए ?

क्या आपको पता है. पर्सनालिटी डेवलपमेंट का असलियत मैं मतलब. कारण, आज कल के लडको लगता है. थोड़ी बॉडी बना ली. कपडे अच्छे पहन लिए. और इंग्लिश भाषा बोल दी. की हो गए हमारी पर्सनालिटी हमारी अच्छी. but, इसका मतलब ही नही कुछ. अगर आप इसे पर्सनालिटी कहते हो तो. हमरा एक तरह से कैसे स्वाभाव रहता है. लोगो के प्रति हमारा आकर्षण कैसा रहता है. अगर आपकी पर्सनालिटी अच्छी है. तो आप stage पे speech देने जायेये एक बार. अगर तालिया बजती ही रही. जब तक आप ना कहे. उसे कहते है. एक मगनेटिक पर्सनालिटी. चलो आज आपको पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे करते है. इसके बहुत सारे point share करता हूँ. और हाँ मैं भी पर्सनालिटी डेवलपमेंट के रास्ते पे हूँ. कुछ improve किया है और करना बाकि है.

पर्सनालिटी डेवलपमेंट करने के १२ तरीके

  1. सब कुछ मैंने ही किया :

क्या मतलब हुआ इसका. देखो सुनो ठिकसे. अगर आपकी कोई कंपनी है. ओह अभी बहुत बड़े मुकाम पे पहुच गई है. but, कुछ साल पहले एक छोटासा startup था. but अपने कंपनी मैं manpower अच्छी लाई. आज उन सब की मेहनत से कंपनी ने ये मुकाम हासिल किया है. but, अगर आप सबको यह महसुसू करते रहोगे की, मेरी वजह से सब हुआ है. आज मेरे पास सब कुछ है. आपके पास क्या है. ऐसे लोग होते हैना. दूर रहिये इनसे. आपको भी ऐसा बना देंगे.

  • critisize करना

अपने देखा होगा, अक्सर लोग अपनी गलती मानती नहीं है. और कोई आपको feedback देने आये तो. उसकी बात को ignore कर देना. ये एक बहुत गन्दी आदत है. इससे लोग आपसे दूर भाग जायेंगे. बड़ी बड़ी कंपनी भी feedback से आगे बढ़ी है.so, critisize करना बंद कीजिये. और जो है. उसे accept कीजिये.

  • No and But कहना.

आपको पता है. आप किसिसे बात करते हुए. बिच मैं उसकी बात काट कर नहीं ऐसा नहीं. और but बोलकर उसकी पूरी बात नही सुनते. एक बात सुनो speaker वही है. जो पहले सुनता है. भगवन श्री कृष्णा ने भी पहले भगवत गीता मैं पहले अर्जुन की बात सुनी. बाद मैं ओ speaker बने. ऐसा कभी किसि की बात बिच मैं मत काटिए. negative impression पड़ता है.

  • सिर्फ बोलने वाला leader

देखिये बात सुनिए अब. आपको पता है. leader किसे बोलते है. जो अच्छी सी management करता है. सारे काम ठिकसे टाइम पे finish करता है. उसे कहेंगे ना? अगर मानते हो तो गलत है. leader ओ है जो बोलता है, ओ खुद भी करता है. तू ये कर. ऐसे बताने वाला leader कभी नहीं होता. अगर किसी शिष्य ने गन्दा काम किया. तो उसे कुछ नहीं बोलते. सीधा गुरु के पास जाते है. और गुरु की ऐसी  कोनसी आदत गलत है. जो शिष्य कर रहा है. क्यूँ की गुरु को भी पता है. मेरे कोनसी तो गलत आदत से मेरे शिष्य ने गलत काम किया है. जैसा leader वैसा नौकर. याद रखिये ये बात. सिर्फ बोलों मत. अपने अंदर भी उसका पालन करो.

  • तारीफों के महल मैं रहना

लोगो को ये एक गन्दी आदत है. जिधर तारीफ होती है. उधर जाके गपे मारेंगे. अगर किसीने कुछ खामिया निकली तो, उसके पास जाते भी नही. ignore करते है. अगर आपको खुद की खामिया पता नहीं चलेगी. तो, आप मैं सुधार कब आयेगा. सो असी महफ़िल से बच के रहिये.

  • स्वार्थी

आपको पता है. एक लड़की भी पटेगी नहीं अगर आप उसकी तारीफ न करो. मतलब, हमेश यही सोचना की मेरी तारीफ कोण करेगा. मेरे मैं कोण intrested है. खुद की सेवा करके लेना. किसी की सेवा करने की इच्छा न होना. अगर आप selfish है तो, पहले ये आदत बदल लीजिये. लोग आपके कभी करीब नहीं आएंगे.

  • बे वजा suggestion देना

किसी किसी को एक आदत होती है. बे वजा किसी को suggestion उस बन्दे ने बोला भी नहीं की, आप चालू लगेच. कुछ कुछ solution देना.

  • विनम्रता
पर्सनालिटी डेवलपमेंट करने के लिए क्या करना चाहिए ?

ये एक ऐसा गुण है. जिससे लोग आपके पास आकर्षित होते है. किसको thanks बोलना. अगर गलती हुए तो sorry बोलना. जहा पे गरज होती है. वही विनम्र रहिये. अगर जीवन मैं कुछ हासिल करना चाहते हो ना. तो ये भाव आना ही आना चाहिए.

  • execuses देना  or बहाने बनाना.

अगर अपने एक बार गलती कर दी. और आपको माफ़ कर दिया. but, बार बार गलती करके कुछ भी बहाने बनाके आप निकल रहे है. उस situtation से. ये बहुत ही ख़राब स्वाभाव है, इससे आप कभी कुछ सिख नहीं पायेंगे. अगर आपको सच मैं कुछ करना है, तो बहाने बनाना. आज का कम कल पे टाल देना. ये आदत छोड़ दीजिये.

  •  अपने से छोटे वाले लोगो की नहीं सुनना

इस बात से पोलिटिकल मैं पक्ष का राज्य गया है. इंदिरा गांधी एक ऐसी leader थी. ओ अपने कार्यकर्ताओं की बात बिलकुल भी नहीं सुनती थी. आज देखो कांग्रेस पक्ष की क्या हालत है. और एक Nokia अपने distributer की बातो को कभी सुना नहीं.  आज nokia का मार्किट किधर है देखो. इसिलए जो बहुत important रहता. उनकी बातो को सुन लिया करो. भले ही ओ आपसे छोटा है.

  • judge करना

बार बार judge करना. उसको ये चाहिए. उसने क्या किया होगा. उसे जो चाहिए मुझे पता है.

ओ अभी मेरे बारे मैं गलत सोच रही है क्या? मेरा दोस्त मुझे फसा तो नहीं देगा. ये जो judge करने वाली बाते रहती ना. एक दिन आपको खा जाएगी. आप किसीसे अच्छा bond नहीं बना पाएंगे. किसीके साथ अच्छा connection नहीं बनेगा. आप मैं ये quality है क्या ? देखिये खुद को जरा.

  • ज्यादा बात करना
ज्यादा बाते करना

किसी discussion मैं आपकी भी बारी भी नहीं आई. but, आपको बोलना है. आपको सिर्फ बोलना च  है. २ मिनट आप शांत नहीं बैठेंगे. आपके जो मन मैं विचार आया. बस आपको बोल देना है. दुआरी की बात तो सुनोगे नहीं. but आपको अपनी बात बोलके finish करना है. किसिको value   ही नहीं दोगे. ऐसे चर्चा में से आपको धक्के मर कर बहार निकाल दिया जायेगा.

मैंने जो आपको जो point share किये है. आप ठिकसे देखे तो, बहुत ही बारीकी से निकले हुए है. और ये मैंने experience किया है. और ये रोज की बाते है. अगर ऐसी छोटी चीजो पे काम करोगे तो. बड़े काम मैं परेशानिया नहीं आयेगी. कुछ चीजे मैंने डॉ vivek bindra sir से सीखी है. मैं उन्हें थोडा बहुत फॉलो करता हूँ. पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैसे करनी है? उसके लिए ये बहुत ही मदगार point है. आप इसे दो तिन बार पढ़े. और इसकी गहराई को समजो. मुझे मेरे साथ आपको भी improve करना है. क्या करना चाहिए असी हटके point आपके लिए लता रहेगा. और अगर कोनसा और टॉपिक चाहते हो. तो, प्लीज कमेंट मैं बता दीजिये. 

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