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ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए क्या करना चाहिए ? (Home Remedies For High Blood Pressure)

ब्लड प्रेशर ( रक्तदाब, रक्तचाप ) की संख्या दिनबदिन बढती ही जा रही है. जैसे जैसे उम्र बढ़ जाती है. उसी तरह हमारी रक्त धमनियों पर रक्तचाप बढ़ता जाता है. but, मेडिकल सर्वे के अनुसार उम्र ३० – ३५ के लोगो मैं इसकी संख्या बढती जा रह है. लेकिन, इसे कोई इतना महत्व नहीं दे रहा है. but, जवान व्यक्ति मैं अगर थोडा बहुत ब्लड प्रेशर उपर निचे हो भी गया तो, इतनी परेशानी होती नही है. but, अगले 2 साल इसको ignore किया तो ये आपकी किडनी भो फ़ैल कर सकता है. then, आप ही सोचो ये कितनी महत्वपूर्ण बात है.

एक सर्वे के अनुसार ग्रामीण भागो मैं २५% और शहरी भागो मैं ३५% लोगो को high blood pressure ( उच्च रक्तचाप ) की समस्या है. आजकल की lifestyle हमें जाने अंजाने मैं हमारी उम्र कम करती जा रही है. ब्लड प्रेशर की परिस्तिथि मैं जो रक्त धमनिया होती है. ओ फट भी सकती है. जिससे शरीर को भारी नुकसान हो सकता है. high blood pressure मैं मरीज को brain stroke, दिल का दौरा, किडनी फ़ैल इन जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है.

मुझे पर्सनली युवाओं को यही suggestion देना है. की, आप स्वस्थ हो न हो. but, regularly बीपी चेक करना चाहिए. normally, blood pressure 80 – 120 mmHg होता है. अगर कभी 90 – 140 mmHg हो तो, तुरंत अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए. हमारे शरीर को ऑक्सीजन और पोषक पदार्थ हमारे खून से मिलते है. और ये काम blood Vessel करती है. हर एक सेकंड इनका काम चालू रहता है. heart से सारी शरीर को blood supply होता है. उसके लिए कुछ pressure generate होता है. जो की, रक्त कोशिकांये द्वारा पुरे शरीर को मिलता है.

उच्च रक्तचाप मैं मेडिकल term मैं Hypertension भी कहते है. हाँ किसी को low BP हो सकती है. इस तरह की परिस्तिथि आज कल नौजवानों मैं भी ज्यादा दिखाई दे रहा है. इसीलिए, क्या करना चाहिए ने उच्च रक्तचाप मैं क्या खाना चाहिए क्या नहीं? inshort, Home Remedies for high/low Blood Pressure. इस आर्टिकल मैं इसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी. 

आर्टिकल शुरू करने से पहले जान लेते आपके कुछ सर्च किये जाने वाले प्रश्न:

  1. क्या खाने से ब्लड प्रेशर कम होता है ?
  2. कैसे बीपी तुरंत कम करने के लिए?
  3. ब्लड प्रेशर हाई हो तो क्या करना चाहिए?
  4. हाई ब्लड प्रेशर क्यूँ होता है?
  5. हाई ब्लड प्रेशर मैं दूध पीना चाहिए?
  6. हाई ब्लड प्रेशर मैं क्या खाना नहीं चाहिए?
  7. हाई ब्लड प्रेशर के आसान, लक्षण, नुकसान और उपचार.
  8. हाई ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा.
  9. ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?
  10. उच्च रक्तचाप के लिए आहार.
  11. ब्लड प्रेशर की अंग्रेजी दवा.
  12. बीपी बढ़ जाये तो क्या करना चाहिए?
  13. बीपी ज्यादा होने पर क्या खाना चाहिए?
  14. बीपी बढ़ने के क्या लक्षण है?
  15. ब्लड प्रेशर को जड़ से खत्म करने का उपाय.
  16. हाई ब्लड प्रेशर की गोली, टेबलेट.
  17. उच्च रक्त चाप क्यूँ होता है?
  18. नार्मल बीपी कितना होना चाहिए?
  19. उच्च रक्तचाप मैं कौन सा अंग प्रभावित होता है?
  20. उच्च रक्तचाप मैं पीडित व्यक्ति को कम निकालने की सलाह क्यूँ दी जाती है?
  21. उच्च रक्तचाप किस धमनी द्वारा मापा जाता है?
  22. उच्च रक्त चाप कितने प्रकार के होते है?
  23. डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर क्या है?

इन सारे सवालो के समाधानकारक उत्तर इस आर्टिकल मैं मिल जायेंगे. but, आप इसे आखिर तक जरुर पढ़िए.

हाई बीपी क्या होता है?( what is High Blood Pressure )

हाई बीपी क्या होता है?( what is High Blood Pressure )

आजकल की खान पान की वजह से शरीर मैं रक्त चाप कभी ज्यादा कभी कम हो जाता है. एक simple भाषा मैं बता देते है. आप जब डॉक्टर के पास blood pressure चेक करने जाते है. तब normal ब्लड प्रेशर 80 – 120 mmHg होता है. अगर आपकी reading 120mmHg से बढ़ जाती है. इसे उच्च रक्तचाप ( high blood pressure ) कहते है. मेडिकल टर्म मैं इसे hypertension कहते है. ऐसी condition मैं आपको तुरंत कुछ action लेना पड़ेगा. और डॉक्टर से जाच करनी पड़ेगी.

Blood Pressure:

मुझे आपको कुछ मेडिकल और टेक्निकल term मैं ब्लड प्रेशर के बारे मैं बताने है. जो की आपको पूरी तरह समजा देगा. आखिर blood प्रेशर होता क्य है.

normally, blood pressure 80-120 mmHg होत है. और इन के difference मतलब 40 mmHg को कहते है Pulse Pressure. ब्लड प्रेशर के दो प्रकार होते है. टेक्निकल term मैं 120 mmhg pressure को सिस्टोलिक प्रेशर ( Systolic pressure ) कहते है. और 80 mmHg को डायास्टोलीक प्रेशर ( Diastolic Pressure ) कहते है.

यहाँ पे हम निचे दिए गए diagram को heart consider कर रहे है. देखा जाये तो ह्रदय के चार हिस्से होते है. यहाँ पे हम ये समजा रहे है. की, आखिर रक्त धमनिया कैसे काम करती है. और blood pressure कहा से नापा जाना जाता है.  

consider following table as a four chamber Heart.

right Auricleleft Auricle
right Ventricleleft Ventricle

जैसा की हमने diagram मैं देखा. चार हिस्से ह्रदय के होते है. पहले तो lungs से  left auricle मैं blood travel होता है. और left ventricle मैं जाता है. then बॉडी मैं चला जाता है. और दूसरी बात, बॉडी से वापस right auricle मैं आता है. और Right auricle से Right ventricle मैं आ जाती है. इस मैं समजने वाली बात ये है, की जो blood प्रेशर नापा जाता है. ओ left ventricle से जो blood बाहर बॉडी मैं चला जाता है. ब्लड प्रेशर reading तब लिया जाता है. अब इसके पीछे reason ये है. जो Right ventricle होता है. उसकी edge बहुत पतली होती है. और दुसरा reason ये है. जब left ventricle blood बॉडी मैं चला जाता है. तब ओ सारे शरीर मैं चला जाता है. और सारे oragan तब पहोचना पड़ता है. इसिलए वहा पे blood प्रेशर ज्यादा ही होगा.

Blood Circulation table:

Heart
Veins lymph vessels Arteries
Venules lymph Arterioles
Capillaries

जैसा की हमने जाना blood pressure नापा जाता है. heart के left ventricle से और उपर के diagram मैं blood flow दिखाया गया है. normally, तो रक्तचाप 80-120 mmHg होता है. और हमारे शरीर मैं heart एक मिनट मैं average 72 time beat करता है. इसका मतलब यही है. पहले ३० सेकंड 120 mmhg और दुसरे ३० सेकंड मैं 80 mmhg. अगर heart से  pressure 120 mmHg से बाहर आती है. और capillaries मतलब बॉडी ऑर्गन तक पहुचते पहुचते 20 mmHg हो जाती है. capillaries बहुत small और सॉफ्ट होती है. कभी कभी प्रेशर जब 140 mmHg होता है. तब capillaries तक आते आते 40 mmHg हो जाती है. इससे, capillaries प्रेशर बहुत बढ़ जाता है. और इन परिस्तिथि मैं एक नया process काम करता है. जब capillaries पे ज्यादा प्रेशर आता है. तब Lymph तैयार होता है. जो की capillaries से निकला होता है. यह liquid colourless होता है. जो की हमारे बॉडी cell को इसकी जरुरत होती है. बिना lymph के इंसान जिन्दा नहीं रह सकता है. then ये liquid lymph vessels से वापस heart मैं चला जाता है. यह पूरा एक normal blood circulation शरीर मैं होता है.

हाई blood pressure की condition दो तारीखे की होती है. जैसे की हमने blood प्रेशर reading दो type के है. 80 और 120. जब 120 वाला प्रेशर बढ़ता है तब उसके नजर से 80 वाला उतना न बढे. उसे सिस्टोलिक हाई ब्लड प्रेशर कहते है. और दूसरी बात है. जब 80 वाला बढ़ता है. तब 120 वाला अपने आप बढ़ जायेगा. क्यूंकि, दोनों का अंतर 40 है. तो इस pressure को डायास्टोलिक हाई ब्लड प्रेशर कहते है.

blood vessels मैं 80 mmHg प्रेशर तो हमेशा रहेगा. ओ minimum है. लेकिन, उससे ज्यादा प्रेशर बनकर 90 और 100 होगया. तो, पुरे एक मिनट मैं शरीर मैं प्रेशर लगबग 100 mmHg होगा. मतलब ३० सेकंड 90 mmHg और ३० सेकंड 130 mmHg. मतलब, डायास्टोलिक हाई ब्लड प्रेशर ज्यादा खतरनाक होता है.

हमारे बॉडी मैं लगबग ५-६ लीटर blood होता है. हमरे weight से १/२० portion ब्लड होता है. high bp मैं मोरे urine फार्मेशन होता है. जिससे प्रेशर low होता चला जाता है. इसिलए डॉक्टर high bp मैं Dieuretic Drugs दिया जाता है. जिससे ज्यादा urine फार्मेशन होजायेगा. और टेम्पररी high ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल मैं आता है. tea और कॉफ़ी से भी ज्यादा urine फार्मेशन बनता है. जिससे, blood प्रेशर कण्ट्रोल किया जाता है.

low blood pressure की range ७०, ६०, ५० होता है. जिस मैं brain को ऑक्सीजन देना कम कम हो जाता है. जिससे brain का work बंद हो सकता है, जिससे harmful बीमारी हो सकती है. इसिलए, low blood प्रेशर बहुत harmful है as compare to high blood pressure. इन पारिस्थिटी मैं साल्ट + sugar का मिश्रण का इस्तिमाल कर सकते है. इससे थोड़ी बहुत राहत मिल जाती है. सोडियम क्लोरइड Nacl ( नमक ) नहीं use करना चाहिये. कारण सोडियम से blood volume बढ़ जाता है. इसकी जगह पोटाशियम क्लोरइड Kcl ( काला और सेंधा नमक ) इस्तिमाल करना है. जिससे blood मैं होने वाली पानी की मात्रा को कम कर देती है. जिससे low blood pressure मैं राहत मिलती है.

lymph को heart को पहुचने के लिये दो फैक्टर important है. एक blood pressure और दुसरा contraction of body muscles ( example – एक जगह पर पैर को पैर पे रख के घंटो तक बैठना. जिससे पैर मैं vibration (मुंग्या) आते है. और swelling जैसा फील होता है. that is one kind of low blood pressure.)

 हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण ( symptoms of high Blood Pressure )

 हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण ( symptoms of high Blood Pressure )
  • सिर मैं तेज दर्द.
  • ज्यादा थकावट और स्ट्रेस फील होना.
  • सीने मैं दर्द होना.
  • सांस लेने मैं परेशानी होना.
  • घबराहट जैसे फील होना.
  • बोलने मैं कठिनाई होना.
  • सबकुछ सुन्न होने जैसे फील होना.
  • कमजोरी जैसे फील होना.
  • धुंधला धुंधला दिखाना.

उच्च रक्तचाप से कैसे बचे? (How to prevent High Blood Pressure )

  • वजन को नियंत्रण मैं रखने से हाई ब्लड प्रेशर से बचा जा सकता है. शरीर का BMI control मैं रखे.
  • सुबह जल्दी उठकर ताजी हवा लेनी चाहिए.
  • रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करे.
  • स्मोकिंग और शराब का सेवन न करे.
  • उच्च रक्तचाप के मरीजो ने चाय और कॉफ़ी का सेवन न करे.
  • नमक का उपयोग पूरी तरह कम करे.
  • हाई ब्लड प्रेशर fatty पदार्थ खाये.
  • गुस्से को कण्ट्रोल करे. और रोजाना मैडिटेशन करे.
  • junk food का सेवन पूरी तरह कम करे.
  • हरी सब्जिय का सेवन रोजाना करे.
  • meal मैं मग्नेशियम और पोटाशियम की तत्वे हो.
  • रोजाना पानी अधिक पिए.
  • meal मैं कच्छे vegetable food खाए.
  • ओमेगा ३ मिलने वाले food खाए. जैसे सीड्स.
  • डार्क chocolate खाने से हाई blood प्रेशर कण्ट्रोल मैं आ जाता है.
  • सोयाबीन के तेल का इस्तिमाल करे.
  • बिना मलाई वाला दूध पिए.
  • हफ्ते मैं दो तिन बार नारियल का पानी, सफेद पेठे का जूस पिए.
  • उच्च रक्तचाप मैं निम्बू पानी, सूप, सोया, अलसी और काले चने खाए.
  • पैकेट मैं रखने वाले खाने का सेवन न करे.
  • बादाम, काजू और अक्रोट का सेवन करे.
  • रोजन सम्पूर्ण आहार ले. जिससे आपके शरीर को सरे पोषक तत्वे मिले.

उच्च रक्तचाप को कण्ट्रोल करने के घरेलु उपचार ( Home Remedies for High Blood Pressure in Hindi )

उच्च रक्तचाप को कण्ट्रोल करने के घरेलु उपचार ( Home Remedies for High Blood Pressure in Hindi )
  • लह्सुन का रोजाना इस्तिमाल होना चाहिए. जिससे blood प्रेशर को control मैं किया जा सकता है.
  • हफ्ते मैं दो तिन बार आवला के जूस का सेवन करने से blood प्रेशर कण्ट्रोल मैं आ जाता है. कभी कभी उस मैं शहद भी मिला सकते है.
  • तरबुज के बिज और खसखस को एक साथ पीसकर बराबर रोज एक चमच लीजिये.
  • हफ्ते मैं दो तिन बार नारियल का पानी पि लीजिये.
  • किसी भी जूस फल मैं और smoody मैं अद्रक डालकर खाया करे. और रोजाना अद्रक आपके meal मैं होनी चाहिए.
  • बीपी को कम करने के लिए तील का तेल का सेवन भी कर सकते है.
  • चुकंदर का जूस हफ्ते मैं दो तिन बार पिने बीपी को कण्ट्रोल मैं लाया जा सकता है.
  • अनार उच्च दाब के लिए अच्छा फल है. इसक जूस और ऐसे ही सेवन कर सकते है.
  • उच्च दब के लिए टमाटर का भी सेवन कर सकते है.
  • ३ ग्राम मेथी के दाने के पाउडर को सुबह श्याम पानी मैं मिलकर पि लीजिये.
  • ब्राउन rice खाने से blood प्रेशर कण्ट्रोल मैं आ सकता है.
  • पलक और गाजर का जूस खाने से blood प्रेशर कम हो जाता है.
  • तुलसी और नीम के पत्तियों को पीसकर इसक पानी छाछ कर पी सकते है.
  • करेला का जूस निकलकर पि सकते है. उच्च रक्तदाब कम हो सकते है.
  • हरी घास पर वाक करने से भी बीपी कण्ट्रोल मैं आ सकते है.
  • निम्बू और sugar के मिश्रण का भी उसे कर सकते है.
  • meal से पहले सलाड खा सकते है.

दोस्तों, जिस तरह ये बीमारी नौजवानों मैं भी बढ़ रही है. इसिलए, क्या करना चाहिए ने इस टॉपिक पे content लाया है. हाँ, हमारा खून अभी कम करने के लिए boost हो रहा है. but, काम के साथ शरीर का भी ध्यान रखना. क्युंकी, शरीर ठीक होगा. तब ही काम कर सकते है. और शरीर ही हमारा प्रमुख हथियार है. कोई भी कम करने के लिए. बूढ़े लोगो के साथ हर किसि ने ये आर्टिकल को पढ़े. और ब्लड प्रेशर से जुडी सारी बातो को जान ले. और अपने स्वस्थ को ठीक रखे.

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