fbpx class="post-template-default single single-post postid-142 single-format-standard wp-embed-responsive everest-forms-no-js post-image-below-header post-image-aligned-center sticky-menu-fade mobile-header right-sidebar nav-below-header separate-containers nav-search-enabled header-aligned-left dropdown-hover featured-image-active elementor-default elementor-kit-439" itemtype="https://schema.org/Blog" itemscope>

मन को नियंत्रण करने के लिए क्या करना चाहिए ?

हम सबको पता है. अगर मन ने ठानली कुछ करने की तो, कुछ भी impossible नहीं है. बात तो सबको पता है. but, मन को क्यूँ नहीं समज पा रहे है. जितने लोग मन के गुलाम है. ओ सफलता से दूर दूर चले जा रहे है. ये बात जितनी जल्दी समजोगे वही आपके लिए अच्छा है. जो आदमी इन्द्रिये को संतुष्ट करने के लिए मन के आगे झुक जाता है. जो मन बोलता है ओ करता है. ओ आदमी को success कभी नहीं मिलेगी. ओ उसी मैं गूम हो जाता है. but, we are here to solve your problem. मन को नियंत्रण कैसे किया जाता है. ये “क्या करना चाहिए” आपको इस बात का satisy answer जरुर मिल जायेगा. हम चाहते ही यही है की, आपकी जीवन मैं सफलता का फूल खिले. आप कैसे एकदम से positive and ख़ुशी वाली life जी सकते है. मैं पूरा प्रयास करुंगा की, ये सारे solution आपकी जरुर help करेगा.

मैं जो भी आपको बोलू उसको please फॉलो करो.

मन को काबू करने के तरीके 

  • जीवन मैं सच मैं कुछ करना चाहते हो ना. चलो उठो अभी pen ले लो and एक Goal Statement लिखो. मैं जो भी चीजे बोल रहा उसे seriously लो.  

आज से ५००० साल पहले भगवन श्री कृष्णा जो बोला था अर्जुन को एक श्लोक के द्वारा ( निचे श्लोक लिखा है ) की कैसे मन को ठीक करना है. konse भी goal को achieve करने के लिए. अगर एक बार मन goal statement मैं लगा गया न वापस पीछे नहीं हटेगा. डॉ. विवेक बिंद्रा कब से बता रहे है की , भगवत गीता पढो. जिंदगी बदल जाएगी but नहीं. लोगो को सिर्फ कचरा भरना है दिमाग मैं. then, कैसे आप मन को जितोगे. पढो निचे का श्लोक

                      क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थनैतत्त्वय्युपपद्यते।
               क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ परन्तप ॥

भगवन श्री कृष्णा बता रहे है. हे अर्जुन ऐसे नपुंसक जैसा क्यूँ अपना धनुष्य निचे रखा है. ये तुम्हे शोभा नहीं देता. अपना ये ह्रदय मैं जो कमजोरी आई है. इसके वजह से तुम्हरा मन भी विचलित हुआ है. इसिलए तुम decison नहीं ले पा रहे हो. ध्यान देने वाली बात ये है. भगवन श्री कृष्णा वापस नहीं आएंगे आपको समजाने के लिए, ये श्लोक हम सबके लिए है. आज ही भगवत गीता खरीद लीजिये और पढ़ना चालू कीजिये. और सिर्फ पढ़ना नहीं है. उसका पालन भी करना है.

  • अपना एक daily ritual schedule बनाओ. मन के शिकार आप तब ही बनते हो जब आपके पास कोई goal नहीं रहता. इसिलए जो भी schedule बनाओगे, goal के related ही. इसिलए डॉ. विवेक बिंद्रा कहते है. “जो भी करूँगा goal के related ही करूँगा, goal के सिवा कुछ नहीं करूँगा.” बड़े ही ध्यान देने वाली बात है. अगर अपने ऐसा ritual बना दिया. आप दिन भर कुछ सोच ही नहीं पाओगे. सिर्फ goal goal goal बस goal ही. मन आपको छोड़कर इधर उधर भागेगा नहीं.

चलो थोडा अभी deep चले जाते है. मन एक बहुत ही गहरा टॉपिक है. देखो आपकी बुद्धि चकरा  जाएगी. देखो, मन को कैसे नियंत्रण किया जा सकता है. सिर्फ पूरी श्रधा से पालन कीजिये जो भी मैं बोल रहा.

  • जिसे life मैं कुछ करना है. उसको और एक problem सताती है. ओ lust है. आप बोलेंगे मुझे तो कोई lust नहीं है. मैं एकदम simple हूँ. but, मेरी बात ठिकसे सुनिए अब, “ Any desire which is outside your goal which is lust.” आप अगर goal के अलवा कोनसा कार्य करते है, तो, your lusting behind that particular thing.

                         इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते ।

एतैर्विमोहयत्येष ज्ञानमावृत्य देहिनम्‌ ॥

भगवान श्री कृष्णा ने इस श्लोक के द्वारा अर्जुन और हम सबको यह बता दिया है. ये जो lust है. कहा रहता है. इन्द्रिय, मन और बुद्धि इसके अंदर lust रहता है. हम लोगो का ज्ञान इसके द्वारा ही नष्ट होता है. और किसी चीज से आकर्षित होकर focus गवा देते है. आपको ये बात समज लेनी चाहिए. भगवन श्री कृष्णा pshycology के भी गुरु है. ५००० साल गीता बोली गयी है. but , आज भी उसका ज्ञान अतुलनीय है. मन को कैसे नियंत्रण किया जाता है. इस श्लोक मैं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को बता दिया है.

आपको कुछ ज्यादा करना नहीं है. आपको सिर्फ इन्द्रिये को control और regulate करना है. एकदम simple framework से आपको समजा देता हूँ.

       इन्द्रिये

आँख – अपने goal के related ही चीजे देखना. बाकि timepass करने की चीजे नहीं देखनी है.

कान – जो भी सुनना है. goal के related ही knowledge का hearing करना है.

जीवा – सात्विक चीजो का सेवन करना है. जो आपके विचारो and मन को भी सात्विक बना देगा. 

नाक – ऐसे चीजो का smell करना है. जो आपके लिए हानिकारक ना हो.

 त्वचा – जब तक goal को हासिल नहीं करते तब तक कोई लड़की, शादी के बारे मैं सोचना भी नहीं.

गलत data अंदर नहीं जायेगा तो गलत विचार आने बंद हो जायेगे. मन शुद्ध रहेगा. और एक बात सुनलो. अगर इन्द्रिये को संतुष्ट करने के पीछे पढ़े तो, ये कभी संभव नहीं है. एकबार गुलाबजामुन खाया तो और खाने का मन करता, एक्बार्फ़ पोर्न देखा तो, और देखने का मन करता. एकबार सेक्स किया तो और करने का मन करता. मतलब ये इन्द्रिये ये ऐसी आग है. जो इस में घी डालने से बुजती नहीं और बढ़ जाती है. एक बात notice की नहीं अपने, एक बार खाया तो औ रके एक बार मन करता है. मतलब इन्द्रिये का direct connection मन से है. therefore, मन को कैसे नियंत्रण किया जा सकता है? इन्द्रिये को control करो. मन अपने आप नियंत्रण मैं आ जायेगा.

  • आपको एक बहुत important बात बताता हूँ, देखिये मन मैं विचार तो आएंगे. इसको आप कभी रोक नहीं पाओगे. यह उसका स्वाभाव है. इसको आप सिर्फ replace कर सकते है. और replace कहा करना है. अपने goal के related विचार के साथ repalce करना है. but, आप इसमें फ़ैल भी सकते है. मैं खुद होता हूँ. but एक बात सुनिए, konse मनुष्य को शांति का सागर कहते है. जिसके मन मैं कही सवाल आएंगे. but, उस विचारो को action मैं convert नहीं करेगा. अपनी कामना को ignore करेगा. और wapus focus करेगा. इसको बोलते है शान्तिसागर. भगवत गीता मैं एक श्लोक है. पढ़िए!

                     आपूर्यमाणमचलप्रतिष्ठं-
                    समुद्रमापः प्रविशन्ति यद्वत्‌ ।
                    तद्वत्कामा यं प्रविशन्ति सर्वे
                   स शान्तिमाप्नोति न कामकामी ॥

 भगवन श्री कृष्णा सारे motivational speaker के Principle हैम. आज ही भगवत गीता ले लीजिये और पढ़ना चालू करो. मन को कैसे शांत करना है.समज जाओगे.

जैसे सारी नदिया समुद्र को जाकर मिलती है. फिर भी सागर इतना शांत ही रहता. वैसे ही जो आदमी विचारे के साथ इन्द्रिय को satisfy के लिए action लेगा उसको शांति कभी प्राप्त नहीं होगी. जो मनुष्य विचार आने के बाद भी action नहीं करता. वाही जीवन मैं सफलते के मार्ग पे जा सकता है. 

दोस्तों, इससे बढ़िया mind control का तरीका आपको कही नहीं मिलेगा. Because, मैंने दो-तिन ब्लॉग पढ़े कोई बेसिक knowledge कोई नहीं बता रहा. But उपर जो भी लिखा है. उसको please कोई गलत तरीके से मत लीजिये. भगवत गीता का ज्ञान दे रहा. ऐसा न सोचे. भगवत गीता कोई धार्मिक किताब नहीं है. एक powerful motivational किताब समजो. ऐसा content आपको कही नहीं मिलेगा. But, आप इसे सिर्फ पढ़े ना. इसे implement करने की कोशिश कीजिये. इन्द्रिये के उपर control कीजिये मन अपने आप नियंत्रण मैं आ जायेगा. आपको अपना मन बहुत पवित्र रखना है. आप थोड़ी बहुत भगवन की भक्ति कर सकते है. इससे आपके मन को शांति मिल जाएगी. मंदिर जाया करो. हमेशा सच बोलने का प्रयास करो. हवा मैं बाते नहीं कर रहा मैं. मैंने थोडा experience किया है. So आप तरी कर सकते है.

क्या करना चाहिए की टीम आपको हमेशा संतुष्ट करने की कोशिश करती है. आपके के problem का solution मिल जाये बस. Because, हमें हमरे देश के youth generation को guide करने की ठानली है. हम लोग जो सच मैं कुछ करना चाहते है. उन्हें हमरे content से कुछ benefit मिले, यही इच्छा है. दोस्तों आपका प्रेम पूर्वक आभारी जो समय निकल के आप हमारा content पढ़ रहे. किसीको ऐसा लगता की YouTube channel चाहिए. तो निचे comment मैं बता सकते. हम आपकी सेवा की लिए हाज़िर है. धन्यवाद !        

Leave a Comment