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विपस्सना मैडिटेशन कैसे करना चाहिए ?( vipassana meditation in hindi )

आज मैं आपको एक ऐसी बात share करने जा रहा हूँ. जान के आप सच मैं अजीब महसुसू करेंगे. आखिर विपस्सना मैडिटेशन कैसे करते है? विपस्सन क्या है.? विपस्सना  को रजिस्ट्रेशन कैसे किया जात है? जो लोग कहते है ना, मैडिटेशन कैसे करते है. होताच नहीं है. आख बंद करते ही, नींद आती है. मन इधर उधर भटकता है. तो हम कैसे एक जग पे focus करे. सब लोग बोलते है. मैडिटेशन करना बहुत जरुरी है. बताओ उन लोगो को जीने मैडिटेशन करना तो है. उन्हें आखिर समज तो आ जाएगा की, कैसे ध्यान लगाते है. so, दोस्तों अगर आपको नहीं आ रहा मैडिटेशन करना. कोई बात नहीं. इस content के बाद आपको मैडिटेशन के बारे मैं कुछ अनोखे बाते सामने आयेगी. और अच्छी तरह आप समज जाओगे. औ विपस्सना मैडिटेशन कैसे करना है. ये विस्तार मैं समज आयेगा आपको.

आपको क्या सिखने मिलेगा?

  1. विपश्यना मैडिटेशन क्या है?
  2. विपश्यना मैडिटेशन सेंटर.
  3. विपश्यना मैडिटेशन से क्या लाभ होते है?
  4. विपश्यना रजिस्ट्रेशन कैसे करते है ?

विपश्यना मैडिटेशन क्या है?

अगर देखा जाये तो, इस विद्या की जागरूकता गौतम बुद्धा ने हमें दी है. साल २५०० पहले गौतम बुद्ध खुद इस विद्या का आचरण करते थे. and उन्होंने इस विद्या से बुद्धता हासिल की है. but, इसका उपयोग हमारे प्राचीन योगी बहुत पहले से करते आ रहे है. सुमारे ७००० साल पुरानी ये प्रथा चलती आ रही है. विपस्सना मैडिटेशन की वजह से बहुत सारे लोगो को फायदा हुआ है. आपने बचपन मैं एक कहानी सुनी होगी. अंगुलिमाल डाकू की. इतने भयानक डाकू को गौतम बुद्ध ने विपश्याना से एक अच्छा इंसान बना दिया. तो हम लोग भी सुधर ही सकते हो. ये विद्या आधुनिक technology की वजह से घूम होती जा रही थी. but गौतम बुद्ध ने उसे वापस हमें दी है.

इसमैं हमें अपनी सासों पर ध्यान देना सिखाते है. उसके बाद हमारी शरीर की सवेंदना के उपर ध्यान देना सिखाते है. उस से आपकी मानसिक और शारीरक तनाव कम होने मैं मदत होती है. inshort, विपस्सना एक सत्य जीवन जीने की सलाह देता है. इस विद्या से हमेशा जागरूक रहना सिखाते है. इसकी वजह से आप कभी गलत काम नहीं करोगे. कठिन परिस्तिथी मैं आप अच्छा मार्ग निकल सकते हो. आपका चित सुधर जायेगा. मन के आपको शांति मिलेगी. इससे आपका काम करने का तरीका बदल जायेगा. आप और productive और potential तरीके से काम कर पाओगे. negative thought आने बंद हो जायेंगें. मैंने खुद ये सारी चीजे अनुभव की है. आपको इससे बहुत लाभ होगा. जिन लोगो सच मैं मैडिटेशन करना है. ओ यहाँ पे प्लीज जाएये. और अपने जीवन मैं एक अलग विद्या को जन्म दो. काफी अच्छी lifestyle आप जी लेंगे.

विपस्सना मैडिटेशन सेंटर

विपस्सन एक ऐसी संस्था है. जो पुरे विश्व मैं सिखायी जाती है. पुरे विश्व मैं इसके १९९ सेंटर है. और भारत मैं इसके ८९ सेंटर है. इस विद्या की संस्था श्री एस.एन.गोयनका इनकी वजह से चालू हुए है. इनका जन्म शिक्षा-दीक्षा यहाँ मद्रास मैं हुआ है. ओ जवान थे तब उनको एक खास प्रकार की मायग्रेन की बीमारी थी. उन्होंने इस बीमारी के चकर मैं पूरी दुनिए के डॉक्टरो से बात की इंजेक्शन ले लिए. दवाई लेली. but इसका कुछ भी असर नहीं हुआ. एक टाइम उनके करीब के दोस्त ने श्री सयाग्यी यु बा खिन से मिलवाया. और उनसे विपस्सना की विद्या सिख ली. उस टाइम उनकी बीमारी तो ठीक हुए. but उन्हें एक नई जीने की आस मिली. तब ओ इंडिया आ कर १० लोगो से शिबिर से शुरुवात की, और आज बहुत सारे सेंटर चालू किये.

दिनचर्या ऑफ़ विपस्सन मैडिटेशन सेंटर       

 
                    टाइम                                                                      एक्टिविटी 
 
4.00 AM –                                                                                सुबह सो कर जागना

4.30 AM TO 6.30 AM –                                                         धम्मा हॉल में मेडीटेसन

6.30 AM TO 7.15 AM –                                                                  ब्रेकफास्ट

7.15 AM TO 8.00 AM –                                                                  रेस्ट

8.00 AM TO 9.00 AM –                                                       धम्मा हॉल में मेडीटेसन

9.00 AM TO 11.00 AM –                         धम्मा हॉल में मेडीटेसन (1 घंटे के बाद 5 मिनट का विश्राम)

11.00 AM TO 11.45 AM –                                   भोजन 11.45 AM TO 1.00 PM – विश्राम
 
1.00 PM TO 2.10 PM-                                                         धम्मा हॉल में मेडीटेसन

2.10 PM TO 2.30 PM –                                                                  रेस्ट

2.30 PM TO 3.30 PM –                                                       धम्मा हॉल में मेडीटेसन

3.30 PM TO 5.00 PM –                           धम्मा हॉल में मेडीटेसन (1 घंटे के बाद 5 मिनट का ) विश्राम)

5.00 PM TO 5.30 PM –                                                         ब्रेकफास्ट /जलपान

5.30 PM TO 6.00 PM –                                                              टहलना/ विश्राम

6.00 PM TO 7.00 PM –                                                      धम्मा हॉल में मेडीटेसन

7.00 PM TO 8.30 PM –                                     Video Lecture By Shri S. N. Goyenka

8.30 PM TO 9.00 PM –                                                       धम्मा हॉल में मेडीटेसन
 
9.00 PM TO 9.30 PM –                                            प्रश्नोत्तर देना /Question Answer Period

9.30 PM –                                                                                       सो जाना

विपस्सना मैडिटेशन सेंटर के rule

  • आर्य मौन;

आपको १० दिन किसीसे बात नहीं करनी है.  न इशारो मैं. न लिखकर, न मुह से. आपको खुदे से भी बाते नही करनी है.

  • अहिंसा:

आपको किसी भी जीव जंतु को मार नहीं सकते. अगर आपको कोई मछर भी आकर काट लिए तो भी नहीं.

  • अस्तेय :

इन १० दिन मैं आप कोई छोटी चीज भी चोरी नहीं कर सकते है. inshort सेंटर में कोई चीज मिले उसे भी नही. उधर की गार्डन के फूल भी नही तोड़ सकते है.

  • ब्रह्मचर्या पालन:

आपको इन दिनों मैं कोई opposite sex को मिल नही सकते. आपको masterbation भी नही करना है.

  • नशीली चीजो का सेवन नहीं करना है. उदाहरन; दारु, गुटका, मांस भी नही खाना है.
  • आपको १० दिन मैं झूट नहीं बोलना है. सच ही बोलना है.
  • यहाँ रात को भोजन नहीं मिलता. २ बार नाश्ता और १ टाइम लंच मैं खाना मिलता है.
  • आप सेंटर मैं जाते है आपके पास सी सारी चीजे ले ली जाएगी. न मोबाइल. न कागद, न पेन, न बैग कुछ भी अंदर ले के जा नहीं सकते.
  • शीलपालन – आपको यहाँ पंचशील ला पालन करना पड़ता है.

१० दिन मैं क्या क्या सिखने मिलेगा?

१० दिन मैं क्या क्या करना पड़ता ?

पहला दिन

अपने सास पर फोकस करना सिखाते है. और उसे आना पाना साधना कहते है.

दूसरा दिन

एक तो आपको सास पर ध्यान देना है. but, उसके साथ कोनसे नाक से सास अंदर ले रहे हो. और कोनसे नाक से बाहर छोड़ रहे हो. ( कोनसे नाक से मतलब दाये और बाये ) अनुलोम विलोम प्राणायम जैसे.

तिसरा दिन

इस बार भी वही करना है. जैसे दुसरे दिन किया था. but, अब जो सास अंदर जा रही है. ओ नक् मैं जाकर कहा पे टकरा रही है. उसपे ध्यान देना. और उस संवेदना को महसूस करना.

चोथा दिन

सास लेते टाइम अपने मुछो पर जो feeling आती है. उसे महसुस करना है. ( आनापना साधना )

पाचवा दिन

विपस्सना की दिक्षा यह सिखाया जाता है. मतलब अपने मन को अपने पुरे शरीर पर फोकस करना पड़ता है. और जो महसुसू हो रहा है. उस पर ध्यान देना रहता है. इसे विपस्सना की साधना कहते है.

छठा दिन

अपने मन को बताना है की, सिर से ले के पाव तक focus करो. और जो feel और संवेदन हो रहा है उस पर ध्यान देना.

सातवा दिन

वही करना है जो पिछले डदिन किय था. अपने मन को बताना है की, सिर से ले के पाव तक focus करो.  . और जो feel और संवेदन हो रहा है उस पर ध्यान देना. इसे विपस्सना की साधना कहते है.

आठवा दिन

 अपने मन को बताना है की, सिर से ले के पाव तक focus करो. और जो feel और संवेदन हो रहा है उस पर ध्यान देना.

नववा दिन

अपने शरीर मैं कोई एक ही चीज का flow कर रही है. ऐसा सोचना. और उसे महसूस करना. और उस सवेंदन पर focus करना.

दसवा दिन

अपने मन बोलना है. की, पुरे अंदर से flow करो और उस चिक को feel करो. और पीछे वाली रीढ़ की हड्डी मैं से उपर तक flow करने को बोलना है. और उस संवेदन पण ध्यान करना है.

सुचना:

मुझे पता है. आपको थोडा अजीब लग रहा होगा. but आपको कोनसे भी संवेदन को ऐसे permanent के लिए नहीं सोचना है. ये एक प्रोसेस है. आपको सिर्फ धेर्य रखना है. और focus करते रहना है.

विपस्सना मैडिटेशन के लिए कैसे रजिस्टर करना है ?

हर कोई व्यक्ति कर सकता है. विपस्सना का अलग सी official website है. वहा पर जाकर new student करके फॉर्म भरके submit करो. उनका एक confirmation का mail आ जायेगा. उसके साथ एक letter attach होके आयेगा. उस letter की print निकल कर उन्होंने जो तरिख दी है. तब लेकर साधन केंद्र पे जाना है.

विपस्सना मैडिटेशन के लाभ

विपस्सना मैडिटेशन के लाभ ?
  • अगर आपको आपके life मैं शांति चाहिए. तो विपस्सना मैडिटेशन बेस्ट जगह है.
  • मन को control करना सिख जाओगे.
  • कोई ऐसी बुरी आदत होगी, और उसे नहीं छुड़ा पा रहे हो. तो ओ भी आदत छुट जाएगी.
  • कोई मनोविकार नहीं होगा.
  • एक नई कला सिखने को मिल जाएगी. जिससे जीवन सफल बन जायेगा.
  • आत्मविश्वास और focus बहुत तगड़ा हो जायेगा.
  • concentration और positivity बढ़ जाएगी.
  • स्वाभाव मैं बदलाव आयेगा.
  • productive काम करना सिख जाओगे.
  • और सबसे important हमेशा जागरूक रहना सिख जाओगे.
  • कोई गलत काम गलतीसे भी हाथ से नही होगा. becasue आपने जागरूक रहने की कला सीखी हुए है.

मैंने जितना अनुभव किया. ओ सारी बाते आपको मैंने share कर दी है. मुझे वहा जाने का मकसद ही यही था. की, मुझे मैडिटेशन सीखना है. मुझे परेशनि आई २ दिन but, उसके बाद मुजे बहुत अच्छा महसूस होने लगा. आपको अगर सीखना है विपस्सना मैडिटेशन कैसे करते है ? आज ही रजिस्टर कर लीजिये. और १० दिन की छुट्टी निकल के ये चीजे सिख लीजिये. आपको बहुत काम आयेगी. “क्या करना चाहिए” आपके लिए बहुत सी intresting content लाते रहेंगे. आपको कुछ पूछना है. तो, आप कमेंट कर सकते है. 

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