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सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए क्या करना चाहिए ? Positive Thinking in Hindi

Index

  1. सकारात्मक सोच  का अर्थ
  2. स्पष्टीकरण  
  3. फायदे और नुकसान
  4. भगवत गीता मैं भगवन श्री कृष्ण क्या बता रहे है.
  5. उदाहरण
  6. practically क्या करना चाहिए

simple definition ( positive thinking )

एक ऐसा विचार जो आपको कठिन परिस्तिथि मैं से निकल कर आगे बढ़ने के लिए मदत करता है. एकदम simple भाषा मैं यही उसका असली अर्थ है. हमें पता है. इन कोरोना वायरस के समय सबकी सकारात्मक सोच बढ़नी चाहिए. हमें खुदके साथ हमरे घर का भी ख्याल रखना है. लेकिन, जो भी हमारी youth generation है. उन लोगो ने बहुत बड़ा decision लिया था carrier के related. किसीने कुछ शुरू किया था. उन मैं से मैं भी एक हूँ. और कुछ लोग planning कर रहे थे. but, बढ़ते कोरोने के कहर ने लॉकडाउन करने की नौबत आ गई है. इसमें हमारे हौसलों को कुछ ठेस पहुचनी नहीं चाहिए. इसीलिए, क्या करना चाहिए आपके लिए ये content लेके आया है. जिससे आपकी की कोशिश जरी रहे.   

short description

  सकारात्मक सोच किस तरह से हमारे brain मैं develope होती है? इसके बहुत से factor affect करते है.   आशावादी, विश्वास, समज, आदर करना. ये सारे  factor important role play करते है. मुझे सिर्फ यही कहने है. आप के लिए मन को कैसे नियंत्रण करे? ये content भी असरदार रहेगा. कारन मन को शांत करने के बाद ही आप सकारात्मक सोच को बढ़ा सकते है. हमारे मन मैं बहुत सारे विचार चल रहे होते है. उन मैं कुछ positive और negative विचार रहते है. “जैसे हमारे विचार वैसे हमारे आचार.” वही विचारो के साथ हमारा शरीर behave करता है. अगर देखा जायेगा तो, ये गलत है. मन को गुलाम बनाना है. ये विचार हमारे इन्द्रिये की वजह से ही आते है. अगर अपने ऐसा इन्द्रिये द्वारा कोई चीज feel की होगी. then, वही याद हमें वापस विचारो के throught आते है. ये हो गए भूतकाल की बात. और अगर भविष्य को consider किया तो. हम लोग किसी न किसी चीजे से attach रहते है. और बहुत कुछ expect करते है. मतलब देखिये, अगर हमारी girlfriend है. उसकी साथ हम attach है. और उसके साथ पूरी life बिताने की expecation रखते है. और लडकिया आपको पता है. अपने से कोई better option मिल गया की, निकल जाते है. लेकिन दिल किसका दुखता है. आपका. तो, हमें ये सीखना चाहिए की future और पुरानी चीजो मैं मन ना लगाये. वर्तमान मैं रह कर, अपना अपना काम करे. और बहुत खुश रहे.       

सकारात्मक सोच के फायदे ?

  1. आत्मविश्वास बहुत बढ़ता है.
  2. कुछ important decison लेने मैं कोई confusion नहीं रहता.
  3. अनुशासन ( discipline )  की  आदत लगती है.
  4. कुछ करने को लिए जो साहस चाहिए रहती. क ओ बहुत boost होती है.
  5. carrier के related जो भी goal है. ओ करने के लिए और ताकद आती है.
  6. किसी को emotionally support कर सकते है. 
  7. हद पार मेहनत करने के लिए तयार हो जाते हो.
  8. लगातार कोशिश जारी रख पाएंगे.
  9. failure को एक advantage की तरह देख पाओगे.
  10. depression मैं कभी नहीं जाओगे. 

सकारात्मक सोच को कैसे बढ़ाये?

  1. उत्साह (enthusiastic )
सकारात्मक सोच क्या है ?

मन को हमेशा उत्साही रखो. शरीर को हमेशा जागृत रखो. हमरे वैदिक sripture मैं भी कहा गया है. “दिव्यज्ञान ह्रदय प्रकाशित:” एकबार दिवा ज्ञान मन मैं चला गयाना, कभी positivity कम होगी च नहीं. अपने कभी उछलते हुए कुत्ते को देखा है. कैसे दोनों पैर उपर उठाके उचलता है. उसे कहते उत्साह. goal ( carrier मैं जो decide किया है ओ चीज ) की तरह पुरे उत्साह के साथ आगे बढ़ना है. इससे आपकी सकारात्मक सोच बहुत बढ़ जाएगी.

  • निश्चय ( determination )
सकारात्मक सोच कैसे बनाएं

निश्चय किसे कहते है decison को. अगर आप उत्साह है. but, कुछ decide ही नहीं किया कुछ करने का. then, क्या फायदा. कैसे कुछ life मैं आगे कर पाओगे. ये तोह ऐसी बात हो गए की घुमने जान है but, पता नहीं कहा जाना है. अभी तक decide नहीं हुआ है. दोस्तों, आग सिने मैं लगनी है. कुछ करने की. जल्दी से decide करो अपना goal.

  • धैर्य ( patience )
पॉजिटिव सोचने से क्या होता है?

आपके पास दोनों चीज है. उत्साह और निश्चय. but, धैर्य नहीं है. मतलब अपने goal को achieve करने में असफल रहे तो. वापस उठोगी नहीं. वही रहोगे और छोड़ दोगे. so, धैर्य के बिना positive thinking आगे तक साथ नहीं देगी. एक golden statement,” Darkest knight will produce the Brightest star.”

  • goal achievement
पॉजिटिव सोच कैसे रखें?

तब तक goal का पीछा करना है जब तक ओह हासिल न हो. और, कितनी बार भी गिरो. गिरकर वापस खड़े हो जाओ. but उसपर काम करते रहना है. उसी काम को करो जो goal को achieve करने मैं help मिले. बाकि सरे कम बंद करो.

  • खुद पर विश्वास
सकारात्मक सोच के फायदे

खुद पर इतना विश्वास करो की बस. कुछ भी काम impossible नहीं लगना चाहिए. अंदर से आवाज अणि चाहिए. अवचेतन मन (subconcious mind ) बार बार आपको push करना चाहिए. कुछ ऐसे affirmation बनाओ की. distraction होने की नौबत अणि ही नहीं चाहिए.

  • वर्तमान समय
सकारात्मक सोच का अर्थ

ये समय आपके लिए favourable है. because, नहीं आपको पस्त की चिंता करनी है. नहीं future की. चिंता नहीं करनी है. चिंतन करना है. इसिलिए गौतम बुद्ग भी कह रहे है. “चिंता चितः के समान है.” हमें negative people से दूर रहना है. ओ आपको distract कर सकते है. हमें हमारी positivity बढ़नी है. नाकि, कम करनी है. आज ही आप अपना एक गुरु ढूंड ली लीजये. जो आपके लिए favorable हो. शकुनी को निकल दो. श्री कृष्ण के पास जाओ. वेदों में कहा गया है की, “अनुकुलास्य संकल्पः प्रतिकुलास्य वर्जनं”.   

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