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April 2021

इमुनिटी पॉवर बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए? how to increase immunity power in Hindi

अगर अपने देखा होगा, हमारे आस पास कुछ ऐसे लोग है. उनका शरीर तो बहुत दुबला पतला है. but, कभी बीमार नहीं पड़ते है. और दूसरी तरफ जिस आदमी का अच्छी खासी बॉडी है. फिर भी बार बार बीमार पड़ता है. इसका मतलब क्या है? एक ऐसी पॉवर जो हमारे शरीर के अंदर मौजूद है. अगर normal सर्दी खासी हुए तो, ओ भी २ दिन मैं अपने आप ठीक होती है. इसका मतलब है. हमारी इमुनिटी पॉवर अच्छी है. इसे रोगप्रतिबंधक शक्ति कहते है. सामान्यता, बच्चो और बुजुर्ग मैं बहुत कम रहती है. “क्या करना चाहिये” self improvement के साथ helath concious भी बहुत है. इसीलिए, आपके डेली लाइफ मैं जो भी problem आती है. उसका solution एकदम simple शब्दों मैं आपको मिल जायेंगे.

 इमुनिटी पॉवर एक ऐसी रक्षा प्रणाली है. अगर हमारे शरीर मैं कोई वायरस चला जाये. तो, हमारा शरीर रक्षा प्रणाली से उस वायरस को नष्ट कर देता है. ये जो रक्षा प्रणाली है. ये हमारे खान पान पे आधारित होता है. आजकल के लोग क्यूँ इतने बीमार पड़ते है. और अभी तो, young लोगो को भी कोरोना वायरस का शिकार बन रहे है. आखिर क्यूँ भारत हमारा वैदिक शास्त्रों को भूल कर ये. साउथ देशो का culture अपना रहा है. दोस्तों, ये हमारी संस्कृति नहीं है. अगर हम हमारे संस्कृति की तरह रह लेंगे. तो, हम सब लोग एक स्वस्थ जीवन जी लेंगे. and ये series मैं भी आपको जितना healthy बना सकता हूँ. उतना प्रयत्न करूँगा. क्या करना चाहिए की टीम एक healthy lifestyle देने का जरुर प्रयास करेगा. 

इमुनिटी पॉवर बढ़ने के लिय क्या खाना चाहिए?

ये मैं आपको एक daily schedule के साथ बताने वाला हूँ.

  1. सुबह उठने के बाद:

पहले तो आपको थोडा पानी गरम कर के उस मैं निम्बू निचोड़ के शहद डालके पीना चाहिए. सुबह हमरी metabolisom power कम होती है. गरम पानी पिने से शरीर क imune system बेहतर हो जाता है. इसिलए सुबह हमें गरम पानी पीना चाहिए. और पेट भी अची तरह साफ़ होता है. दिन की शुरुवात ही अच्छी इमुनिटी से हो जाएगी.

  • इमुनिटी बढाने के फल :

सेफ, कीवी, सन्त्रा, आम, पपीता, नाशपती, केला इस प्रकार के फल खा सकते है. अच्छी इमुनिटी के लिए आपको विटामिन C, विटामिन A, पोटेशियम, प्रोटीन की बहुत जरूरत होती है. और ये सारी चीजे आपको इन फलो मैं मिल जायेंगे. and सेफ  के छिलके  मैं तो क्व़ास्तिनियम नाम का content होता है. जो इमुनिटी के लिय बेस्ट है. सुबह नाश्ते मैं ये इस प्रकार के फल आप खा सकते है. इनके जूस का सेवन भी कर सकते है. सबसे बढ़िया तो, गिलोय का जूस सुबह खाली पेट पिया कीजिये. natural तरीके से इमुनिटी बढ़ जाएगी.

  • व्यायाम करना

व्यायाम करना हमरी स्वस्थ जीवन शैली का एक भाग है. ब्लड प्रेशर, ह्रदय की बीमारिया नहीं होती है. एक natural तरीके से हमारी इमुनिटी पॉवर बढ़ जाती है. फेफड़ो की exercise भी हो जाती है.

अगर आपकी इमुनिटी बहुत ज्यादा है. तो इससे naturally कम भी होती है. आपके शरीर के हिसाब से इमुनिटी system mainatin होती है. 

  • सुबह सुबह ३० मिनट दौड़ लगाना.
  • प्राणायाम, योग करना.
  • सायाक्लिंग कर सकते है.
  • एरोबिक डांस or जुम्बा करने
  • डांस करने.
  • इमुनिटी बढाने के लिए कोनसे खाद्य पदार्थ खाए :

दोस्तों, आपको कोई स्पेशल चीज खाने की जरुरत नहीं है. जो डेली का कहना रहता वाही अची तरह खाओगे. तो ओ भी अच्छा है. और एक बात, अगर आप खाना चबा चबा कर खायेंगे. तो ये आपके पाचन तंत्र के लिया बहुत अच्छा साबित होगा. and पाचनतंत्र अच्छा हुआ तो इमुनिटी अपने आप बेस्ट हो जाएगी. लंच के टाइम आप चपाती, राइस, दही, सब्जी, दाल इस टाइप का सात्विक खाना खा सकते हो. और सबसे important खाने मैं घी का उपयोग जरुर कीजिये. ये इमुनिटी के लिय बहुत ही पौष्टिक पदार्थ है.

  • अच्छी नींद :

एक healthy lifestyle के लिय हमरी नींद बहुत ही ज्यादा matter करती है. रात को हमारी fasting होती है. शरीर मैं जो भी problem हुई है. ओ रात को बॉडी हमारी एंटीबाडीज prepare करके. बॉडी की recovery होती है. अगर हमें weakness जैसे महसूस होता है. तो डॉक्टर भी हमें कहते है. थोडा रेस्ट करो. कारण, एक अच्छी नींद इमुनिटी के लिय टॉनिक सबित होती है.

  • इमुनिटी बढ़ाने के लिय काढा :

ग्रीन टी जसी पेय हमारी इमुनिटी बढ़ने के लिए कारगिर साबित होती है. दिन मैन २ बार तोह इसका सेवन करना चाहिए. हमरी पाचन तंत्र improve करती है. but अगर आयुर्वेदिक की तरह से इमुनिटी बढ़नी है. तो एक मिश्र काढ़ा बना सकता है. उसको बनाने के लिए हमें दालचीनी, इलाइची, तुलसी का पता, पुदीना, कलि मिरी, अद्रक और लिम्बू. इससे एक बेहतरीन आयुर्वेदिक काढ़ा बनेगा. आप इसक इस्तिमाल दिन मैं दो बार कर सकते है. और अगर ये सब नही भी हुआ तो भी चलेगा. आप रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पि सकते है. ये आपके सहेत के लिय बहुत अच्छा है. और जो हमारी young generation है. उन लोगो के लिए तो ये बहुत बेस्ट है.    

मैं आपके लिय एक वैदिक श्लोक भी लाया है. उसमे हमरी इमुनिटी system के बार में बहुत अच्छी तरह बताया है.

दोस्तों, इमुनिटी power improve करने के लिए किसी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती है. ये आप खुद अपनी self improvement से कर सकते है. किस हमरी दिनचर्या रहनी चाहिए. एक healthy lifestyle कसी जी सकते है. ये सारी चीजे सुधारने के लिए ही “क्या करना चाहिए” आपके लिए क्या खाना चाहिए ये series भी लेकर आया है. उससे आपकी हेल्थ की improvement हो जाएगी. और इमुनिटी बढाने के लिए के लिए उपर की सारी चीजो आचरण करो. बहुत अच्छी तरह इमुनिटी बढ़ जाएगी. और कुछ problem हो तो कमेंट मैं बता दीजिये.   

टाइम मैनेजमेंट कैसे करे ? time management in hindi

एक टाइम ऐसा था मेरी लाइफ मैं की मैं बहुत आलसी टाइप का लड़का था. और एक दिन क्या हुआ. मुझे टाइम के मामले मैं बहुत टोकने लगे. मैं फिर भी टाइम कि कदर नहीं कर रहा था. क्यूंकि, मैं मेरे मन के हिसाब से कम करता था. किसी की सुनता भी नहीं था. मैं थोडा अकेले रहने वाला बंदा था. but, एक वक़्त ऐसा आया. मुझे एक नया freind मिल गया. मेरे एकदम opposite type का उसका स्वाभाव था. but, हम अच्छे दोस्त बन गए थे. ओ दोस्त भी मुझे टोकने लगा था. time की कदर करना सीखो. दुसरो की बातो का सुझाव लेना सीखो. but, मैं टेडा की टेडा. एक दिन हम ने movie देखने का plan बनाया. और ओ भी सुबह ९ बजे का show. अब मैं तो आलसी लड़का. ८.३० को उठ के फ्रेश हो के ९.३० को पहुच गया. और सिनेमा हौल मैं गया. मेरा दोस्त movie को enjoy कर रहा था. मैं भी आधा सिनेमा देख के enjoy कर रहा था. जब movie खत्म हुआ. हम बाहर आये. मेरा दोस्त इतना रो रहा था. मुझे समज मैं नहीं आ रहा था आखिर हो अचानक से हो क्या गया. अंदर इतना enjoy और बाहर इतना रोना कैसे आ गया. उसने जब मुझे लेक्चर देना चालू किया parking lot मै. मुझे कुछ समज मैं  नहीं आ रहा था. आखिर कैसे कोई थोडा लेट हुआ था. इतने रो रहा है. आखिर इतना कैसे किस को hurt हुआ. उसके बाद मैंने time पर डिग्री ही ले ली. time के बारे सब कुछ पढ़ लिया. albert enstein की time diamension की theory भी पढ़ ली. सफल लोग टाइम मैनेजमेंट कसी करते है ? आखिर टाइम कितना important है. सफल लोग समय का सही उपयोग कैसे करते है. तब से लेकर आज का दिन है. एक सेकंड के बारे मैं सोचने वाला बंदा हो गया हूँ. उस दोस्त के आसू बेकार नहीं जाने नहीं दिए है.

दोस्तों, “क्या करना चाहिए’ के माद्यम से आपको मैं टाइम का मैनेजमेंट कैसे करते है. इए बताने जा रहा हूँ. मैंने जो सिखा है. और मैंने ओ कैसे impliment किया है. ये सारी चीजे share करने वाला हूँ. जिसे सच मैं कुछ करना ही. उसका टाइम बिलकुल भी waste ना हो. इस कोरोने के महामारी मैं आपको मैं टाइम मैनेजमेंट सिखाने जा रहा हूँ. lockdown मैं आप टाइम की important समजे. और एक सफल लोगो की तरह टाइम मैनेजमेंट करना सिख जाइये.

टाइम मैनेजमेंट कैसे करे?

  • सुबह जल्दी उठो

अगर आपको नहीं पता सुबह जल्दी उठने के लिय क्या करना चाहिए? तो, जाएये kyakarnachahiye.com पे और पढ़ लीजये ओ ब्लॉग. पता नहीं क्यूँ लोग सुबह जल्दी उठते नहीं. दोस्तों, अगर सच मैं टाइम का सही तरह से उपयोग करना है ना. तो प्लीज सुबह जल्दी उठने की आदत लगा लो. मैं जानता हूँ. आप जरुर ये आदत लगा लोगे. हर एक सफल आदमी की ये first priority वाली आदत है. so, आपको जल्दी उठाना ही पड़ेगा.

  • dailly goal decide करो

आपका जो भी डेली रूटीन है सुबह उसमें आपके रोज के target लिखे. मतलब दिन मैं कितने activity करने है. और कोन से वक़्त कोनसा task चालू होगा. और कब खत्म करने वाले उस task को. और शुरू करते टाइम, ज्यादा activities मत add कीजिये. अगर कोई task complete नहीं हुआ तो, आपका आत्मविश्वास कम हो जायेगा. और आपके कौन से task पे focus नहीं कर पाओगे. so दोस्तों, २ और ३ ही activitiy daily के decide करे. और उसे कौन से भी हालत मैं उस दिन ही complete करने की कोशिश करनी है.

  • टाइम blocking

क्या है ना लोगो को अभी तक पता नहीं है. काम कैसे करते है. काम करने को काम करना नहीं कहते है. काम ख़त्म करने को काम करना कहते है. देखो, अपने कौन सी भी activity चालू की. तो उस की टाइमिंग नोट कर लीजिये. और stopwatch लगाये. और उसको कितने वक़्त मैं ख़त्म करना है. ये decide करो. अगर उसको २ घंटे मैं ख़त्म करना है. तो, finish ही होना चाहिये. इससे क्या होगा. आपका बहुत सारा काम कम टाइम मैं हो जायेगा. और work quality बढ़ जाएगी. productive time spend हो जायेगा. और आप संतुष्ठ हो जाओगे. आपको नींद भी अच्छी आयेगी.

  • avoid distraction

आपको कुछ affirmation बनाने है. अपने distraction के लिए. पहले तो एक लिख list बनाये. उसमिन आपके जो भी distraction है. सारे उधर लिख लीजिये. example – मोबाइल. girlfriend, सोशल मीडिया एटक. इन सबके लिए अलग से time schedule बनाये. काम करते टाइम मोबाइल airplane mode पे डाल दीजिये. और आदत लगये की, जितना देर मोबाइल दुरी maintain कर पाओगे. उतनी ही productive काम हो जायेगा.

  • अनुशसन ( discipline )

आपको कुछ भी करके ये आदत लगनी चाहिए. देखो, क्या हैना, आपको टाइम की value पता  नहीं है. मेरे जैसे आपको कोई गंदा अनुभव आने से पहले सुधर जाओ. you know what guys, हम हमरे age के one third part सोने मैं निकल देते है. सुनिए, चलो समजते है आपकी age २४ है. दिन मैं २४ घंटे होते है. और आप रोज के ८ घंटे सोते है. मतलब आपके जीवन के ८ घंटे सोने मैं गए है. तो इस बात को समजो, एक एक सेकंड कदर करना सीखो. अनुशासन इतना तगड़ा होना चाहिए की, कोई चीज कर रहे हो तो, बिलकुल भी distract मत होना. कभी भी मन इधर उधर भटकने के लगा तो. अपने affirmation को याद कीजिये. उसे मन दोहराए. और एक अनुशासन मै मन को लायेये, अगर समय को कोई control कर सकता है. तो, ओ है अनुशासन. कुछ भी होने दीजिये. बुत, discipline maintain कीजिये. टाइम मैनेजमेंट अपने अपने हो जायेगा.

  • mindset की तयारी.

देखिये, कोई भी चीज को सही अंजाम देना हो. तो, अपने mind का कैसे उपयोग करते है. ये बहुत matter करता है. सुबह उठते ही पाने mind को इस तरह prepare करे. की, आज मुझे मेरे सारे goal achieve करने है. ओ भी वही टाइम duration मैं जो decide किया है. अगर कुछ emergency आयेगी. तो, जो timepass के लिए टाइम निकला था. उसका उपयोग उस task के लिए लगा दूँगा. जो की emergency के दोहरान छुट गया था. बुत, आज का काम आज ही कर दूँगा. इस तरह का mindset होना चहिये. और अगर सच मैं टाइम मैनेजमेंट कैसा किया जाता है? उसक एलिए आपको, visuallization और affirmatione की practice रोज सुबह करनी पड़ेगी.

आपको मैं भगवत गीत एक श्लोक बता देता हूँ. जिससे आपका मनोबल बढेगा. और अच्छी तरह टाइम मैनेजमेंट कर पाएंगे.

दोस्तों, क्या करना चाहिए एक अनुभव के साथ content दात है. जिससे आप कुछ सीखो. और, अपने जीवन मैं परिवर्तन ला सके. ये जो समय का चक्र है. ओ, हमेशा चलता ही रहेगा. उसे कोई रोक नहीं सकता. आपकी जीवन को सफल बनाना है. तो, आपको टाइम मैनेजमेंट आना ही चाहिए. आपको एक example देता हूँ. दुनिया का सबसे आमिर आदमी Elon Musk उनको एक ही बात का प्रॉब्लम है. अगर, किसीने उनका time waste किया. तो उनको इतना गुस्सा आता  है की, वही पे उसको डाट देते है. कोई भी office meeting ५ मिनट से ज्यादा नहीं करते. इतनी  उनको टाइम की कदर है. और एक आप हो. एक बात धुआं मैं रख लो. “समय के हिसाब मत चलो, समय को आपके हिसाब से चलाओ.” जीत आपकी हो जाएगी.        

आत्मविश्वास कैसे बढ़ाये ? how to increase self confidence in hindi ?

जिस तरह से कोरोना वायरस कहर बरसा रहा है.  हमारे दोस्तों का मनोबल कम होता जा रहा है. मार्केट की ख़राब परिस्तिथि के कारण, हमारा entraprenure रुक गया है. उनका self confidence बढ़ाने के लिए आये है. ऐसे परिस्थिति मैं आत्मविश्वास कैसे बढ़ाये? ये बाते share करने आया हूँ. “क्या करना चाहिए” self imrovement के १० ऐसे content लाने वाले है. अगर अपने इसे जीवन मैं उतार दिए. तो, दो कदम कम हो जायेंगे success की तरफ. और हमारा youtube channel भी जल्द आ रहा. “short but sweet” content आपको मिल जायेगा.

defination of self confidence

जब आप खुद पे बहुत ज्यादा भरोसा करोगे न तब जो feeling आती है. उसे कैसे है आत्मविश्वास. ओ एक तरह की kinetic  energy रहती है. जो की पुरे शरीर मैं फ़ैल रही होती है. अपने dream को पाने के लिए जो साहस आता है ना. ऐसे हद पार मेहनत करने का मन करता है. बार बार fail होने के बाद भी, अंदर जो power boost होती है. उसे कहते है “आत्मविश्वास.”

Short description

Self-esteem, self-confidence, self-belief आपको जो चाहे ओ कह दो. जब आप अपने अआप के उपर भरोसा करना चालू करेंगे. तब आपको depression, तनाव , stress कभी feel नहीं होगा. जो जीवन मैं चल रहा है. उसे accept कर के आगे बढ़ना है. positive intent की तरह काम करना है. सकारात्मक सोच के उपर जिंदगी चलानी है. हमारी क्षमता का कोई अंत नहीं है. आप को ये बात समजनी होगी. कैसे चाहिए वैसे इस सोच का उपयोग कर सकते है. दुनिया मैं बहुत सारे लोग successful है. उनका work ethic देख लीजिये. कैसे planning करते है. कैसे काम के प्रति commitment रहता. ओ सारी positivity कहा से आती है. कारण, आत्मविश्वास इतना बढ़ गया रहता है. कोई negative thought दिमाग मैं नहीं आता है. हमारा मन एक तरह से risk लेने के लिए तयार होता है. कठिन परिस्थिति मैं निर्णय लेने के लिए बहुत मदत मिलती है. एक तरह से आदमी आशावादी बनता है. कुछ करने की उमीद जाग जाती है. हमरे जीवन मैं कुछ करने के लिए कोई चीज जरुरी है. ओ है आत्मविश्वास.

आत्मविश्वास कैसे बढ़ाये ? ( how to increase self confidence )

 ऐसे बहुत से factor affect करते है. but, आपको कुछ ऐसे point बता देता. उससे आपका आत्मविश्वास चार गुना बढ़ जायेगा.

  1. सकारात्मक सोच ( positive thinking ) :

कभी भी कोई problem आया हमारे जीवन मैं तो मन मैं २ सवाल आते है.  ‘i can’  और  ‘i cant’ ये दोनों word बहुत matter करते हमरे success मैं. कारण, पता है की अगर ‘i cant’ बोला तो कोई risk नहीं है. और risk नहीं मतलब कोई action नहीं है. और action ही नही मतलब सफलता कहा से आयेगी. और इसका direct उल्टा अगर ‘i  can, बोला तो risk ,action सारी चीजे हो जाएगी. मतलब successful होने के कुछ तो possibility है. इसीलिए, हमेशा सकारात्मक सोच रखिये. आत्मविश्वास बहुत बढेगा.

  • खुद से बात करना ( self talk ) :

हम जब खुशी में होते है. तब भी खुद से बाते करते है. मतलब अगर बहुत पैसे आये तो, ये करेंगे. ओ करेंगे. कैसे और पैसे कमा सकते है. और अगर दुख में रहेंगे तो. किसी का support लेना. किसी से बात करना. हमारा दुःख share करके. थोडा अच्छा लगता है. तो अगर entraprenure journey मैं कुछ problem आये तो, करो ना खुदे से बाते. बताओ हमारे मन को. हार नहीं माननी है. और प्रयास करते रहेंगे. आज न कल goal को achieve कर लेंगे. ऐसे बाते जब आप रोज करोगे ना. देखो कैसे आत्मविश्वास बढ़ता है. कठिन पारिस्थिती मैं बहुत सारी opportunities दिख जाएँगी. मैंने ये experience खुद लिया है.

  • Attitude ( रवैया )

ये चीज एक मैंने बहुत नजदीक से देखि है. मेरे आसपास कुछ successful people है. मैं उनसे हमेशा उनके struggling life के बार एमें discuss करता रहता. तब एक मैंने एक बात notice की. fail हो या success उनका स्वाभाव कभी नहीं बदला. मतलब. ओ बोलतें ना, उसके सर के उपर बर्फ का गोला है. कुछ इस तरह  का attitude. भगवन श्री कृष्णा ने  भी गीता मैं कहा है. “चाहे सुख हो या दुःख, मन को स्थिर रखे.” so guys, आप लोग भी आपका रवैया कभी ना बदले. इससे हमारे confidence पे फरक पड़ता है.

  • खुद को challenge देना ( self challenge ):

मैंने लोगो गिरते हुए भी देखा है. but, कुछ लोग थोडा बहुत failure देख लिया की अपने life का goal change कर देते है. but, हमें goal नहीं, goal को हासिल करने का तरीखा change करना है. लेकिन आप अपने daily life मैं छोटे छोटे goal decide कर सकते हो. उससे आपका confidence boost होगा. आपको एक तरीखा बता देता हूँ. क्या आप १० दिन ब्रह्मचार्ये का पालन कर सकते है क्या? चलो ये आपका challenge है. try करके देख लीजिये. और comment मैं बता देना. daily के छोटे goal decide करो और उसे complete करो. उससे आपको confidence लगातर बढ़ता रहेगा.

  • श्रवण ( listening ) :

क्या आपको पता है. हम असल मैं कब मोटीवेट होते है. कुछ अच्छी बाते हमारे कानो पे पड़ती है ना. तब हमारा अंदर का चिता जाग उठता है. इसिलए कुछ श्रवण करना. ये बहुत ही ज्यादा important है. देखो , मैंने आपसे सिर्फ एक चीज बोलता. आप मुझे आपके दो कान दीजिये. आपकी success की जिमीदारी मेरी. शास्त्रों मैं इसे श्रवणं: कहते है. अपने देखा होगा. गुरुकुल मैं ज्यादा तर श्रवण करने को बोलते है. ओ कीर्तन, भजन और श्लोक रहते है. जिससे हमरी चेतना शुद्ध होती है. अपने एक बात notice की होगी. school मैं सुबह से लेकर श्याम तक lecture रहते है. वहा भी श्रवण ही करते है. आप अपने goal के related जितने भी content मिले. आप उसे सुनते रहे. ज्ञान लेते रहे. मंजिल और करीब आयेगी. और कुछ सफल लोगो के बायोग्राफी पढ़िए. मतलब आपका आत्मविश्वास बढ़ जाएगा. और एक बात, मैंने सुनने कही के लिए क्यूँ कहा. इसके पीछे एक कारण है. मैं पढ़ने के लिए भी कह सकता था. but, दोस्तों कण एक ऐसा इन्द्रिये है. जो भगवन की कृपा से दी गए अनमोल चीज है. जिसे कितने भी सुनाओ ओ कभी नहि बोलेगा की, बस हो गया मैं bore हो गया. so its very beautiful thing. आप अच्छी चीजो का श्रवण करते रहे.

  • प्रेरित और खुश रहना ( motivation and happyness ):

आप को ये पहले जानना होगा की , ऐसे कोण कोण सी चीजे ह. जो मुझे हमेशा खुश रख सकती है. किसी के लिए दोस्त रह सकते है. नहीं तो, आप अपने जीवन मैं किसी को तो गुरु मानते होगे. कभी भी low feel हुआ तो. जाएये उस दोस्त और गुरु के पास बाते कीजिये. एक गुरु के बिना कोनसा goal achieve नहीं हो सकता. अकेला चन्द्रगुप्त मौर्या देश को जीत नहीं सकता था. उसके पास उसका गुरु चान्याक्य पंडित थे. अगर गुरु सही मिल गए ना. then कभी आत्मविश्वास की कमी ढलेगी नहीं.

मैं बहुत strongly recommended करना चाहता हूँ. श्रीमद भगवत गीता पढ़ना चालू कीजिये. आपको self improvement के लिए किसी trainer, video की जरुरत नहीं पढेगी. आप खुद ही समज जाओगे. कैसे जीवन मैं संतुष्टि ला सकते हो. आत्मविश्वास कैसे आप बढ़ा सकते है ( how to increase self confidence ) ? इसका पूरा ज्ञान गीता मैं आपको मिल जायेगा. “क्या करना चाहिए” आपको हमेशा सही रास्ते की दिशा देता रहेगा.         

सकारात्मक सोच कैसे विकसित करें ? Positive Thinking in Hindi

Index

  1. सकारात्मक सोच  का अर्थ
  2. स्पष्टीकरण  
  3. फायदे और नुकसान
  4. भगवत गीता मैं भगवन श्री कृष्ण क्या बता रहे है.
  5. उदाहरण
  6. practically क्या करना चाहिए

simple definition ( positive thinking )

एक ऐसा विचार जो आपको कठिन परिस्तिथि मैं से निकल कर आगे बढ़ने के लिए मदत करता है. एकदम simple भाषा मैं यही उसका असली अर्थ है. हमें पता है. इन कोरोना वायरस के समय सबकी सकारात्मक सोच बढ़नी चाहिए. हमें खुदके साथ हमरे घर का भी ख्याल रखना है. लेकिन, जो भी हमारी youth generation है. उन लोगो ने बहुत बड़ा decision लिया था carrier के related. किसीने कुछ शुरू किया था. उन मैं से मैं भी एक हूँ. और कुछ लोग planning कर रहे थे. but, बढ़ते कोरोने के कहर ने लॉकडाउन करने की नौबत आ गई है. इसमें हमारे हौसलों को कुछ ठेस पहुचनी नहीं चाहिए. इसीलिए, क्या करना चाहिए आपके लिए ये content लेके आया है. जिससे आपकी की कोशिश जरी रहे.   

short description

  सकारात्मक सोच किस तरह से हमारे brain मैं develope होती है? इसके बहुत से factor affect करते है.   आशावादी, विश्वास, समज, आदर करना. ये सारे  factor important role play करते है. मुझे सिर्फ यही कहने है. आप के लिए मन को कैसे नियंत्रण करे? ये content भी असरदार रहेगा. कारन मन को शांत करने के बाद ही आप सकारात्मक सोच को बढ़ा सकते है. हमारे मन मैं बहुत सारे विचार चल रहे होते है. उन मैं कुछ positive और negative विचार रहते है. “जैसे हमारे विचार वैसे हमारे आचार.” वही विचारो के साथ हमारा शरीर behave करता है. अगर देखा जायेगा तो, ये गलत है. मन को गुलाम बनाना है. ये विचार हमारे इन्द्रिये की वजह से ही आते है. अगर अपने ऐसा इन्द्रिये द्वारा कोई चीज feel की होगी. then, वही याद हमें वापस विचारो के throught आते है. ये हो गए भूतकाल की बात. और अगर भविष्य को consider किया तो. हम लोग किसी न किसी चीजे से attach रहते है. और बहुत कुछ expect करते है. मतलब देखिये, अगर हमारी girlfriend है. उसकी साथ हम attach है. और उसके साथ पूरी life बिताने की expecation रखते है. और लडकिया आपको पता है. अपने से कोई better option मिल गया की, निकल जाते है. लेकिन दिल किसका दुखता है. आपका. तो, हमें ये सीखना चाहिए की future और पुरानी चीजो मैं मन ना लगाये. वर्तमान मैं रह कर, अपना अपना काम करे. और बहुत खुश रहे.       

सकारात्मक सोच के फायदे ?

  1. आत्मविश्वास बहुत बढ़ता है.
  2. कुछ important decison लेने मैं कोई confusion नहीं रहता.
  3. अनुशासन ( discipline )  की  आदत लगती है.
  4. कुछ करने को लिए जो साहस चाहिए रहती. क ओ बहुत boost होती है.
  5. carrier के related जो भी goal है. ओ करने के लिए और ताकद आती है.
  6. किसी को emotionally support कर सकते है. 
  7. हद पार मेहनत करने के लिए तयार हो जाते हो.
  8. लगातार कोशिश जारी रख पाएंगे.
  9. failure को एक advantage की तरह देख पाओगे.
  10. depression मैं कभी नहीं जाओगे. 

सकारात्मक सोच को कैसे बढ़ाये?

  1. उत्साह (enthusiastic )

मन को हमेशा उत्साही रखो. शरीर को हमेशा जागृत रखो. हमरे वैदिक sripture मैं भी कहा गया है. “दिव्यज्ञान ह्रदय प्रकाशित:” एकबार दिवा ज्ञान मन मैं चला गयाना, कभी positivity कम होगी च नहीं. अपने कभी उछलते हुए कुत्ते को देखा है. कैसे दोनों पैर उपर उठाके उचलता है. उसे कहते उत्साह. goal ( carrier मैं जो decide किया है ओ चीज ) की तरह पुरे उत्साह के साथ आगे बढ़ना है. इससे आपकी सकारात्मक सोच बहुत बढ़ जाएगी.

  • निश्चय ( determination )

निश्चय किसे कहते है decison को. अगर आप उत्साह है. but, कुछ decide ही नहीं किया कुछ करने का. then, क्या फायदा. कैसे कुछ life मैं आगे कर पाओगे. ये तोह ऐसी बात हो गए की घुमने जान है but, पता नहीं कहा जाना है. अभी तक decide नहीं हुआ है. दोस्तों, आग सिने मैं लगनी है. कुछ करने की. जल्दी से decide करो अपना goal.

  • धैर्य ( patience )

आपके पास दोनों चीज है. उत्साह और निश्चय. but, धैर्य नहीं है. मतलब अपने goal को achieve करने में असफल रहे तो. वापस उठोगी नहीं. वही रहोगे और छोड़ दोगे. so, धैर्य के बिना positive thinking आगे तक साथ नहीं देगी. एक golden statement,” Darkest knight will produce the Brightest star.”

  • goal achievement

तब तक goal का पीछा करना है जब तक ओह हासिल न हो. और, कितनी बार भी गिरो. गिरकर वापस खड़े हो जाओ. but उसपर काम करते रहना है. उसी काम को करो जो goal को achieve करने मैं help मिले. बाकि सरे कम बंद करो.

  • खुद पर विश्वास

खुद पर इतना विश्वास करो की बस. कुछ भी काम impossible नहीं लगना चाहिए. अंदर से आवाज अणि चाहिए. अवचेतन मन (subconcious mind ) बार बार आपको push करना चाहिए. कुछ ऐसे affirmation बनाओ की. distraction होने की नौबत अणि ही नहीं चाहिए.

  • वर्तमान समय

ये समय आपके लिए favourable है. because, नहीं आपको पस्त की चिंता करनी है. नहीं future की. चिंता नहीं करनी है. चिंतन करना है. इसिलिए गौतम बुद्ग भी कह रहे है. “चिंता चितः के समान है.” हमें negative people से दूर रहना है. ओ आपको distract कर सकते है. हमें हमारी positivity बढ़नी है. नाकि, कम करनी है. आज ही आप अपना एक गुरु ढूंड ली लीजये. जो आपके लिए favorable हो. शकुनी को निकल दो. श्री कृष्ण के पास जाओ. वेदों में कहा गया है की, “अनुकुलास्य संकल्पः प्रतिकुलास्य वर्जनं”.   

lock down मैं हमें क्या करना चाहिए ?

कुछ मेरे personal लोगो ने हमारा content पढ़ रहे है. ओ लोग हमारे framework फॉलो कर रहे है. उन्हें हमारा content बहुत ही अच्छा लगा है. but, ओ लोग हमें कुछ suggestion दे रहे है. इन लॉकडाउन की परिस्तिथि मैं हमारे youth को क्या करना चाहिए. and ओ कर क्या रहे है. सारी दुनिया को पता है. इंडिया के पास बहुत बड़ी संख्या मैं youth power है. but, इस youth ने इस वक्त का सही तरह से use करके लेना चाहिए. हम लॉक डाउन मैं क्या काम कर सकते है. इन सब की समस्या का solution क्या करना चाहिए आपको देने वाला है.

              Index  

  • scheduling of time  
  • decide one goal इन कोरोना
  • हम इस time से क्या चाहते है
  • सबसे important DEPRESSION मैं जाना नहीं है. इस time से सीखना है
  • knowledge लेते रहना चाहिए.
  • खाना अच्छा लेना चहिये
  • एक्सरसाइज, योगा, प्राणायाम etc
  • रीडिंग
  • goal related work
  • इन्द्रिये
  • मन

Generally, इन कोरोना वायरस मैं मैंने कुछ observe किया है. एक तो लोगो को छुट्टी मिल गई. इसकी  वजह से बहुत खुश है. but, जो पहले से कुछ नहीं करते थे. ओ और भी खुश हो गए. because, पहले उनके घरवाले पीछे पड़ते थे की, जा कुछ कर ले. and जो लोग कुछ करना चाहते है. उनका अभी कुछ चालू हुआ था. और, लगेच बंद होने को आया. इसीलिए ओ थोडा depress होंगे. अभी मैं आपको clear करता हूँ. हमारा focus उस category को है. जो सच मैं जीवन कुछ करना चाहते है. हमरे लिए बहुत ख़ुशी है की, कोई तो आगे बढ़ रहा है. हमारा लॉकडाउन का content पढ़ के. कुछ आपको निचे मैं simple language मैं instruction देता. उसे अपने मन मैं उतार के उसको फॉलो करे. सबसे पहले तो मन को नियंत्रण करना सीखो.

  • Goal setting

लॉकडाउन के समय मैं एक चीज free मैं मिल रही सबको ओ है ‘ time.’ but, monkey mind हमारा   कभी सुनेगा नहीं. मन का स्वाभाव है. दुखी रहना. बैचेन रहना. बुरे ख्याल आना. तो, सबसे पहले मन को एक auto suggestion देते रहना चाहिए की, ये free मैं मिला हुआ time को waste नही करना है. इस negative atmosphere से कुछ positive action लेना है. and अपने goal के related activity कर के एक कदम आगे बढ़ना है.

मुझे पता है. जो मैं बताने जा रहा. ओ इतना भी easy नहीं है. अब मैं बोलूँगा सुबह जल्दी उठने की आदत लगाओ. आप बोलोगे, पहलेच छुट्ठी है. इस में भी सुबह जल्दी उठना. ये कैसे logic है. but, सुनिए दोस्तों, जो कम भीड़ मैं नहीं होता. ओ अकेल मैं होता है. आपको अभी से शुरुवात करनी है. सुबह जल्दी उठने के लिए. एक research के मुताबिक हमारे देश मैं २७% लोग ही सुबह उठ पाते है. उसमें भी youth का contribution बहुत ही कम है. यहाँ पर मैं आपको बताना चाहता हूँ की, आपको  सुबह जल्दी उठने की आदत लगानी है.

  • आपको कुछ schedule बनाना है. उसमें सारे segment add होने चाहिए. और time का बहुत अच्छा utilization होना चाहिए. एक daily schedule होना चाहिए. उसमें आपके जितना time timepass के लिए देना है. कितना focus, concentration से काम करना है. ये आपको schedule मैं लाना है. आपको ज्यादा तर ज्यादा अपने goal के related activities ज्यादा करनी है.
  • Reading

अभी आपको schedule मैं एक चीज add करनी है. ओ है पढाई की आदत. आपको daily १ घंटा तो पढना है. पढ़ते time आपका एक प्रकार से मैडिटेशन होता है. आपके कुछ इन्द्रिये पुरे focus से काम करती है. जितने भी billionaires है. उनकी एक ही common habbit है. अच्छे अच्छे books पढ़ना.

  • लॉकडाउन मैं time का सही तरह use करना है. i know आप बोलेंगे, friendzone को देख के timepass करने का मन करेगा. but, we have goal statement not a enjoy statement. ऐसे मन आपका भटक सकता है. इस चीज के लिए मेरे पास एक powerfull solution है. Affirmation.

मैं आपको कुछ sentence दे देता. जबी भी आपका मन भटक जायेगा कुछ देखकर. then, ओ affirmation को अपने मन को बोल देना.

  1. I have a goal statement, not a girl statement.
  2. मैंने अपने goal को commitment दी है. चाहे कुछ भी हो जाये. मैं मेरी commitment तोड़ नहीं सकता.
  3. मैं इतना दूर आया हूँ. यहाँ पे रुकने के लिए नहीं. और आगे बढ़ने के लिए.
  4. I am powerful because I have a purpose.
  5. मेरे goal की बाहर की एक भी activity नहीं करूँगा.
  • Healthy diet

healthy lunch plan होना चाहिये. हम लोग खाने मैं कुछ भी खा लेते है. but, ऐसा ना करे. अक बात याद रखिये, जैसा खान-पान वैसा मन behave करता है. but उस खाने का एक ritual schedule होना चाहिए. ऐसे कभी भी खाने का. ऐसा schedule आपके शरीर को हानिकारक है. ऐसा आपका कोनसा च काम focus से कभी नहीं होगा. मैं तो आपको और एक बात बता देता. अपने खाने का प्लेट खुद ही धो दीजिये. इससे आपके माँ को थोड़ी मदत हो जाएगी. और अपक ये बदलाव देख के बहुत अच्छा लगेगा.

  • अगर आप सुबह जल्दी उठ जाते है. तो, आप थोडा rest ले सकते है. digestion की प्रक्रिया मैं थोडा body dull हो जाती है. लेकिन उसके बाद तुरंत आपके schedule के हिसाब से काम को लगना है. दोपहर के बाद थोडा willpower कम हो जाती है. but, दोस्तों अगर सच में कुछ करना है तो. क्या दोपहर और क्या रात. कभी भी कितना भी कम focus से किया जा सकता है. i know थोडा आलस आता है.
  • Bhagwat geeta ज्ञान  

सुनिए मेरी बात बात ठिकसे दोस्तों, मैं आपको ओह क्रन्तिकारी श्लोक बता देता हूँ. जो भगवन श्री कृष्णा ने अर्जुन से कहा था. अर्जुन भी आपकी तरह दुर्बल होता है. अपनी responsibillty से भाग रहा था. ये श्लोक मैंने और एक ब्लॉग मैं लिखा है. ऐसा मत समजो की , कॉपी किआ उधर से इधर. मेरा हर एक content सोचे समजे रहता है. और मेरी यही कोशिश रहती है की, आपके problem मैं solve कर सकू. और लॉकडाउन मैं आप भगवत गीता पढ़ना नहीं तो उसके podcast सुनना चालू करो.

                क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थनैतत्त्वय्युपपद्यते।
              क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ परन्तप ॥

भगवन श्री कृष्णा बता रहे है. हे अर्जुन ऐसे नपुंसक जैसा क्यूँ अपना धनुष्य निचे रखा है. ये तुम्हे शोभा नहीं देता. अपना ये ह्रदय मैं जो कमजोरी आई है. इसके वजह से तुम्हरा मन भी विचलित हुआ है.  

उसी तरह आप भी ऐसे आलस के शिकार हुए है. just becasue आपका mind control मैं नहीं है. सुनिए मेरी और एक बात. काम करने को काम करना नहीं कहते. काम करते रहने को काम करना नहीं कहते. काम को finish करने को काम करना कहते है.  

मैं जब भी भगवत गीता पढता हूँ ना मेरे मैं energy आ जाती है. हाँ इस लॉकडाउन मैं आप भगवत गीता पढ़ सकते है. मैं तोह आपको strictly वही recommend करता हूँ. मन आपका गुलाम बन जायेगा.

  • fitness mantra

श्याम को आप कुछ ground game खेल सकते है. जैसे की हमरा सबका fav क्रिकेट खेल सकते हो. फुटबॉल etc. कुछ भी sport game खेल सकते हो. उससे आपकी body वापस boost हो जाएगी. और, थोडा हल्का सा dinner लेने के बाद वापस अपनी schedule की activity कर सकते है. सुनिए मेरी बात रुकना नहीं है. डॉ. विवेक बिंद्रा कहते है. “तब तक goal का पीछा करो, जब तक आप उसे हासिल ना करो”. क्या बात बोल देते है. विवेक सर तो, energy से भर जाता हूँ.

  • रात को आधा घंटे से सोने से पहले एक ग्लास हल्दिवाला दूध पि लीजिये. dinner ७ बजे के बाद  बिलकुल नहीं लेना है. सोने से पहले कल की planning करो. की, कैसे आज से बहतर कल बना सकते हो. कैसे कम से कम समय मैं task complete कर सकता हूँ.       

दोस्तों क्या है ना, ये जो समय है. बहुत ही critical है. जिनका अभी अभी startup चालू हुआ है. ओ सब लोग परेशान है. कैसे आगे और time ख़राब होगा. carrier की चिंता. but, मेरे दोस्तों घबराने की कोई बात नहीं है. ये जो time मिला है. उसका सही तरह से use करना है. हमरी जितनी भी गन्दी आदते है. उसको बंद करने है. कुछ नई अच्छी चीजो की आदत लगानी है. एक ritual daily schedule बनाना है. इस time को self improvement के लिए लगाना है. लॉक डाउन मैं ये सारी चीजे हमें करनी है. एंड कोई बात नहीं. time जा रहे. इतना strong बनाना है की, जैसे ही सब open हो. लॉकडाउन मैं competition से आगे एक छलांग मारनी है. ताकि, कोई हमारा मुकाबला न कर सके. चाहे कुछ भी हो जाये ये वक्त हमें बरबाद नहीं करना है. “क्या करना चाहिए” हमेशा आपकी मदत के लिए content डालते रहेगा. धन्यवाद !  

             

             

मन क्या है ? what is mind in Hindi

 “क्या करना चाहिए” आपके लिए one of the best content बना रहा है.  सिर्फ आपके जो ये आंखे है ना, ये हमें दे दीजिये. देखिये, कैसे आपको नई दिशा मिल जाएगी. कुछ करने के लिए.  ये ये जो टॉपिक है. ये आपकी पूरी लाइफ बदल देनें वाली है. becasue, सबसे जरुरी तो मेंटल फिटनेस ही है. विचारो से जीवन बदलते है. १०० % सही है ये वाक्य. इसक बारे मैं जितने बोले उतना कम है. अभी भी मैं ये आर्टिकल रहा. ये मेरा मन ही है. जो साडी बाते लिख रहा. मन ही है. बहुत मजा आने वाला है. चेतन और अवचेतन मन को जानने मैं . इस टॉपिक मैं. मैं आपको इसके सरे पहलु बता दूंगा. spirtulity, शास्त्र, practical सारे पहलू के उत्तर इस content मैं मिल जायेंगे.    

मन क्या है ?

हर तरह के language मैं इसका उत्तर देने का प्रयास करूँगा. बहुत ही आसान भाषा मैं आपको satisfaction मिल जायेगा. मन के दो हिस्से बताये गए है. चेतन और अवचेतन मन.

  • मन एक विचार निर्माण करने वाली मशीन है. जो एक के बाद एक विचार निर्माण होते ही रहते है. कभी रुकते नहीं.
  • बच्चे इसे , बंदर जैसा समजे जो एक डाली के उपर से दूसरी डाली पे jump करता है. उसको कभी ऐसा नहीं लगता की , एक जगह पे रुक के आराम करे. हमेशा चंचल रहता है.
  • शास्त्रों के अनुसार, दो तरह के शरीर है. gross body and settle body. सूक्ष्म शरीर मतलब settle body. इसमें तिन चीजे आती है. मन, बुद्धि, अहंकार. और जो हमारे इन्द्रिये और शरीर है. ओ आते है gross body मैं. तो मन हमारा एक सूक्ष्म शरीर है. जो एक भगवन का दिया गया, सबसे प्रभावशाली इन्द्रिये है. इसका श्लोक मैं निचे बता दूंगा की, कैसे भगवन श्री कृष्ण ने गीता मैं श्लोक से समजा दिया गया है. मन क्या है.
  • एकदम आसन भाषो मैं बता दू तो, गीली मिठी कैसे आकार देने से बदलती रहती है. वैसे हमारा मन काम करता है. आप उसे सुख दुःख मैं बदल सकते हो.
  • इस ब्रहमांड मैं सबसे तेज चीज कोई होगी तो ओह मन है. इस दुनिया मैं विज्ञान के अनुसार light की speed सबसे तेज है.
  • मन एक दोस्त और शत्रु दोनों का role करता है.
  • आपको अब एक example समजा देता हूँ. सुनिए ठिकसे. अगर आप ध्यान करने को बैठते है तो, अपने एक चीज नोटिस की होगी. आपके brain मैं बहुत सारे विचार आते है. and आप उस विचारो के पीछे भाग जाते है. उसके बाद आप भूल जाते हो की, आप मैडिटेशन कर रहे थे. ऐसा क्यूँ होता है? ये कोण है जो आपको ध्यान से भटका रहा. ये और कोई नहीं है. ये आपका अपना दोस्त मन ही है. जिधर से सारी problem चालू होती है. ये एक ऐसी kinetic energy है. जिसे आपके सिवा इसे कोई नहीं रोख सकता.

मन के प्रकार

  1. चेतन मन ( concious mind )
  2. अवचेतन मन ( subconcious mind )
  • चेतन मन ( concious mind )
  • आप के इन्द्रियेद्वरा कोनसी भी चीज के बारे मैं महसूस करते है. उसे experience करते है. उसके बारे मैं सोचते है. सोचने के बाद ये decide कर सकते है, क्या सही है? क्या गलत? मतलब की हमें उस चीज के बारे मैं knowledge भी रहती है. यानि की, उस part को हम inteligence कह सकते है. मतलब concious mind ( चेतन मन ) को बुद्धी कह सकते है.
  • आप के समज के लिए एक उदाहरण लेते है. आंखे हमारी इन्द्रिये है. right ! चलो किसी student की exam है कल but, टीवी पे आज उसकी favourite movie लगी है. then ओह अपना exam भूल के देखते रहता है. कुछ ही देर मैं उसको ये महसूस होता है की, कल exam है. अभी time waste करना सही नहीं है. देखिये, उस student की बुद्धि ने ये decision लिया की क्या सही और क्या गलत है. ऐसे हमारी concious mind कम करती है.
  • चेतन मन के बारे मैं और कुछ बोलू तो, आपको मैं ये भी बता सकता हूँ की. आपक शरीर सोता है तब, आपका चेतन मन पूरी तरह rest अवस्था मैं होता है. but आपकी शरीर में   जो भी process चल रहा होता है. उसके बारे मैं concious mind को कुछ भी पता नहीं होता. blood circulation, heartbeat के बारे मैं सोने के बाद किसे को महसूस होता है तो, मुझे whats app कीजिये ( ७७४४८१९१७२ ).
  • हम लोग चेतन मन को measure भी कर सकते हो. आप बोलोगे क्या पागलपण है. बल्कि ये सच है. चेतना ( conciousness ) मतलब simple feedback loop. इसे हम Thermostat unit मैं measure कर सकते है. कुछ ऐसे भी जिव है उनकी conciousnes level बहुत कम है. जो सिर्फ nature को महसूस करते है. मतलब पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का experience करते है. आपको example के साथ समजता हूँ. हमारे जो भी फूल है. level 1 की concious level बोल सकते है. मानव जाती पहली बार जब पानी मैं पैदा हुए थी तब, इस तरह का चेतन मन था. अब अगर बात करे तो rectile जाती की तो, उस मैं कुछ ही type की concious level होती है. जैसे की, reproduction, खाने के लिए शिकार करना. किसी शिकारी से बचना. उनके brain का पिछला हिस्सा सिर्फ develop हुआ रहता है. उसको हम level 2 बोल सकते है. अब बात करते है. mamals की, जो की सारे प्राणी जिव. उनका बिचका and पिछला brain का हिस्सा develope हुआ रहत है. उन जिव को खान पीना, मैथुन, आराम करना ये सब चीजे महसूस कर सकते है. बल्कि emotion भी महसूस करते है. इनको हम लोग level 3  मैं गिनते है. अब last हमारी मनुष्य की conciousness, जो की level 4 मैं आती है. उसके बार एमें हमने उपर सब कुछ discuss किया है.
  • अवचेतन मन ( subconcious mind )
  • एक ऐसे विचार जो आपके conciousness को push भी करते है और pull भी करते है.
  • आपके कोनसा decision सही और गलत है, इसके बिच मैं भी आता है.
  • कोई चीज बुरी है, आपके बुद्धि को पता है. ओ गलत है. but, subconcious mind बोलेगा. अच्छा लग रहा है करते रहो. शरीर संतुष्ट हो रहा है.
  • inshort, ये एक free messenger है. जो हमेशा आपको message का pop up देता रहेगा.
  • सबसे important बात, ये आपको past की बातो का experience देता रहेगा. अंदर ही अंदर आपको खुश करता रहेगा. but इसका एक बहुत बड़ा नुकसान ये है की, आपको focus करने नहीं देगा. और आपका time waste करता रहेगा.
  • आपको लगा रहा होगा हमारा अवचेतन मन negative impression करता है, but, ऐसा बिलकुल नहीं है. इतनी ब्रह्माण्ड मैं इससे ज्यादा powerful कोई नहीं है. मैं तोह सिर्फ अभी उसका behaviour बता रहा.
  • एक बात समजलो, ये जितना depression के लिए जिमेदार है. उतना ही successful , joyful life के लिए जिमेदार है.
  • जिन जिन लोगो ने इतिहास रचा हैना. just because of power of subconcious mind.
  • अगर कोई इंसान को कुछ करने के लिए कोई reason मिल गया ना. then ओ message subconcious mind बार बार आपको reminder देता रहेगा. focus को छोड़ना नहीं है. just because of that reason.
  • आपको कुछ करना हैना, then हमेशा अपने इन्द्रिये द्वारा subconcious mind मैं अपने goal के related चीजे अंदर डालते रहो. then आपको हमेशा ओ reminder मिलता रहेगा.   

चेतन और अवचेतन मन दोनों ख़ुशी और दुःख के करना हो सकते है. चलो आपको और अच्छी तरह समजा देते है. मन के नुकसान और फायदे बता देते है. 

मन अगर दोस्त और गुलाम है तो?

  • हमेशा आप positive and motivate रहोगे.
  • आपका focus and concentration बहुत अच्छी तरह हो जायेगा.
  • आपके इन्द्रिये आपके control मैं आ जाएगी.
  • हमेशा आप सही decison ले पाओगे.
  • आपसे कभी गलत कम नहीं होगा.
  • चेहरे पे आपके एक अलग तरह का तेज और मुस्करहट होगी.
  • brain washing करने की जरुरत नहीं होगी.
  • सबसे important depression, anxiety नहीं होगी.
  • life के konse भी पढाव मैं आप stable हो के decison ले पाओगे. 
  • सुख दुःख मैं भी आपका मन stable रहेगा.
  • आप एक अच्छा जीवन जी सकते है, कोई भी समस्या आपका कुछ बिगाड़ नहीं पायेगी.

अनगिनित मन के फायदे है. but, मन अगर आपका मित्र है तो.

अगर मन आपका शत्रु ओर राजा है तो ?

  • जो मन कहेगा ओ आप करोगे. and बाद मैं guilty feel करोगे.
  • जो आपके इन्द्रिये को ख़ुशी मिलेगी वाही मन करने को बोलेगो.
  • बुद्धि का विकास कम हो जायेगा.
  • चेतना शुद्ध नहीं रहेगी.
  • हमेशा मन मैं बुरे खयाल आते रहेंगे.
  • present मैं कम और past and future का experience मैं ज्यादा रहोगे.
  • depression, anxiety का शिकार हो जाओगे.
  • जीवन के konse भी पढाव मैं खुश नहीं रह पहोगे.
  • अंदर ही अंदर lonely feel करोगे.
  • अकेले रहोगे, किसी से बात करने की इछा नहीं करेगी.
  • relationship मैं कुछ उपर निचे हुआ तो. झेल नहीं पाओगे.   

मन के दो ही पहलु है. चेतन और अवचेतन मन . ओ एक सब की fav कविता नहीं क्या. “ मन के हारे हार है. मन के जीते जीत है.” पता सबको है, but, इसका पालन कोई नहीं करता. आपको अगर मन के बारे मैं और कुछ पढ़ना है. तो, मैं आपको suggest करता हूँ. “ श्रीमद भगवत गीता “ पढ़ना चालू करू. अगर आपको मन को दोस्त बनाना है.

दोस्तों, “क्या करना चाहिए” आपके improvement के लिए continue quality content ला रहा है. “मन” की सीरीज आपके जीवन मैं नया मोड़ ला सकती है. मैं यही बोलूँगा आप content पूरा पढ़ा कीजिये. शरीर एक न एक दिन weak हो जायेगा. But मन हमेशा शरीर से strong रहेगा. कुछ question रहेगा तो, comment मैं पुच सकते हो. You tube content बनाने का सोच रहे है. आप को सच मैं चाहिए तू बता सकते है. धन्यवाद!   

मन को कैसे नियंत्रण करे ?

हम सबको पता है. अगर मन ने ठानली कुछ करने की तो, कुछ भी impossible नहीं है. बात तो सबको पता है. but, मन को क्यूँ नहीं समज पा रहे है. जितने लोग मन के गुलाम है. ओ सफलता से दूर दूर चले जा रहे है. ये बात जितनी जल्दी समजोगे वही आपके लिए अच्छा है. जो आदमी इन्द्रिये को संतुष्ट करने के लिए मन के आगे झुक जाता है. जो मन बोलता है ओ करता है. ओ आदमी को success कभी नहीं मिलेगी. ओ उसी मैं गूम हो जाता है. but, we are here to solve your problem. मन को कैसे नियंत्रण किया जाता है. ये “क्या करना चाहिए” आपको इस बात का satisy answer जरुर मिल जायेगा. हम चाहते ही यही है की, आपकी जीवन मैं सफलता का फूल खिले. आप कैसे एकदम से positive and ख़ुशी वाली life जी सकते है. मैं पूरा प्रयास करुंगा की, ये सारे solution आपकी जरुर help करेगा.

मैं जो भी आपको बोलू उसको please फॉलो करो.

मन को काबू करने के तरीके 

  • जीवन मैं सच मैं कुछ करना चाहते हो ना. चलो उठो अभी pen ले लो and एक Goal Statement लिखो. मैं जो भी चीजे बोल रहा उसे seriously लो.  

आज से ५००० साल पहले भगवन श्री कृष्णा जो बोला था अर्जुन को एक श्लोक के द्वारा ( निचे श्लोक लिखा है ) की कैसे मन को ठीक करना है. konse भी goal को achieve करने के लिए. अगर एक बार मन goal statement मैं लगा गया न वापस पीछे नहीं हटेगा. डॉ. विवेक बिंद्रा कब से बता रहे है की , भगवत गीता पढो. जिंदगी बदल जाएगी but नहीं. लोगो को सिर्फ कचरा भरना है दिमाग मैं. then, कैसे आप मन को जितोगे. पढो निचे का श्लोक

                      क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थनैतत्त्वय्युपपद्यते।
               क्षुद्रं हृदयदौर्बल्यं त्यक्त्वोत्तिष्ठ परन्तप ॥

भगवन श्री कृष्णा बता रहे है. हे अर्जुन ऐसे नपुंसक जैसा क्यूँ अपना धनुष्य निचे रखा है. ये तुम्हे शोभा नहीं देता. अपना ये ह्रदय मैं जो कमजोरी आई है. इसके वजह से तुम्हरा मन भी विचलित हुआ है. इसिलए तुम decison नहीं ले पा रहे हो. ध्यान देने वाली बात ये है. भगवन श्री कृष्णा वापस नहीं आएंगे आपको समजाने के लिए, ये श्लोक हम सबके लिए है. आज ही भगवत गीता खरीद लीजिये और पढ़ना चालू कीजिये. और सिर्फ पढ़ना नहीं है. उसका पालन भी करना है.

  • अपना एक daily ritual schedule बनाओ. मन के शिकार आप तब ही बनते हो जब आपके पास कोई goal नहीं रहता. इसिलए जो भी schedule बनाओगे, goal के related ही. इसिलए डॉ. विवेक बिंद्रा कहते है. “जो भी करूँगा goal के related ही करूँगा, goal के सिवा कुछ नहीं करूँगा.” बड़े ही ध्यान देने वाली बात है. अगर अपने ऐसा ritual बना दिया. आप दिन भर कुछ सोच ही नहीं पाओगे. सिर्फ goal goal goal बस goal ही. मन आपको छोड़कर इधर उधर भागेगा नहीं.

चलो थोडा अभी deep चले जाते है. मन एक बहुत ही गहरा टॉपिक है. देखो आपकी बुद्धि चकरा  जाएगी. देखो, मन को कैसे नियंत्रण किया जा सकता है. सिर्फ पूरी श्रधा से पालन कीजिये जो भी मैं बोल रहा.

  • जिसे life मैं कुछ करना है. उसको और एक problem सताती है. ओ lust है. आप बोलेंगे मुझे तो कोई lust नहीं है. मैं एकदम simple हूँ. but, मेरी बात ठिकसे सुनिए अब, “ Any desire which is outside your goal which is lust.” आप अगर goal के अलवा कोनसा कार्य करते है, तो, your lusting behind that particular thing.

                         इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते ।

एतैर्विमोहयत्येष ज्ञानमावृत्य देहिनम्‌ ॥

भगवान श्री कृष्णा ने इस श्लोक के द्वारा अर्जुन और हम सबको यह बता दिया है. ये जो lust है. कहा रहता है. इन्द्रिय, मन और बुद्धि इसके अंदर lust रहता है. हम लोगो का ज्ञान इसके द्वारा ही नष्ट होता है. और किसी चीज से आकर्षित होकर focus गवा देते है. आपको ये बात समज लेनी चाहिए. भगवन श्री कृष्णा pshycology के भी गुरु है. ५००० साल गीता बोली गयी है. but , आज भी उसका ज्ञान अतुलनीय है. मन को कैसे नियंत्रण किया जाता है. इस श्लोक मैं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को बता दिया है.

आपको कुछ ज्यादा करना नहीं है. आपको सिर्फ इन्द्रिये को control और regulate करना है. एकदम simple framework से आपको समजा देता हूँ.

       इन्द्रिये

आँख – अपने goal के related ही चीजे देखना. बाकि timepass करने की चीजे नहीं देखनी है.

कान – जो भी सुनना है. goal के related ही knowledge का hearing करना है.

जीवा – सात्विक चीजो का सेवन करना है. जो आपके विचारो and मन को भी सात्विक बना देगा. 

नाक – ऐसे चीजो का smell करना है. जो आपके लिए हानिकारक ना हो.

 त्वचा – जब तक goal को हासिल नहीं करते तब तक कोई लड़की, शादी के बारे मैं सोचना भी नहीं.

गलत data अंदर नहीं जायेगा तो गलत विचार आने बंद हो जायेगे. मन शुद्ध रहेगा. और एक बात सुनलो. अगर इन्द्रिये को संतुष्ट करने के पीछे पढ़े तो, ये कभी संभव नहीं है. एकबार गुलाबजामुन खाया तो और खाने का मन करता, एक्बार्फ़ पोर्न देखा तो, और देखने का मन करता. एकबार सेक्स किया तो और करने का मन करता. मतलब ये इन्द्रिये ये ऐसी आग है. जो इस में घी डालने से बुजती नहीं और बढ़ जाती है. एक बात notice की नहीं अपने, एक बार खाया तो औ रके एक बार मन करता है. मतलब इन्द्रिये का direct connection मन से है. therefore, मन को कैसे नियंत्रण किया जा सकता है? इन्द्रिये को control करो. मन अपने आप नियंत्रण मैं आ जायेगा.

  • आपको एक बहुत important बात बताता हूँ, देखिये मन मैं विचार तो आएंगे. इसको आप कभी रोक नहीं पाओगे. यह उसका स्वाभाव है. इसको आप सिर्फ replace कर सकते है. और replace कहा करना है. अपने goal के related विचार के साथ repalce करना है. but, आप इसमें फ़ैल भी सकते है. मैं खुद होता हूँ. but एक बात सुनिए, konse मनुष्य को शांति का सागर कहते है. जिसके मन मैं कही सवाल आएंगे. but, उस विचारो को action मैं convert नहीं करेगा. अपनी कामना को ignore करेगा. और wapus focus करेगा. इसको बोलते है शान्तिसागर. भगवत गीता मैं एक श्लोक है. पढ़िए!

                     आपूर्यमाणमचलप्रतिष्ठं-
                    समुद्रमापः प्रविशन्ति यद्वत्‌ ।
                    तद्वत्कामा यं प्रविशन्ति सर्वे
                   स शान्तिमाप्नोति न कामकामी ॥

 भगवन श्री कृष्णा सारे motivational speaker के Principle हैम. आज ही भगवत गीता ले लीजिये और पढ़ना चालू करो. मन को कैसे शांत करना है.समज जाओगे.

जैसे सारी नदिया समुद्र को जाकर मिलती है. फिर भी सागर इतना शांत ही रहता. वैसे ही जो आदमी विचारे के साथ इन्द्रिय को satisfy के लिए action लेगा उसको शांति कभी प्राप्त नहीं होगी. जो मनुष्य विचार आने के बाद भी action नहीं करता. वाही जीवन मैं सफलते के मार्ग पे जा सकता है. 

दोस्तों, इससे बढ़िया mind control का तरीका आपको कही नहीं मिलेगा. Because, मैंने दो-तिन ब्लॉग पढ़े कोई बेसिक knowledge कोई नहीं बता रहा. But उपर जो भी लिखा है. उसको please कोई गलत तरीके से मत लीजिये. भगवत गीता का ज्ञान दे रहा. ऐसा न सोचे. भगवत गीता कोई धार्मिक किताब नहीं है. एक powerful motivational किताब समजो. ऐसा content आपको कही नहीं मिलेगा. But, आप इसे सिर्फ पढ़े ना. इसे implement करने की कोशिश कीजिये. इन्द्रिये के उपर control कीजिये मन अपने आप नियंत्रण मैं आ जायेगा. आपको अपना मन बहुत पवित्र रखना है. आप थोड़ी बहुत भगवन की भक्ति कर सकते है. इससे आपके मन को शांति मिल जाएगी. मंदिर जाया करो. हमेशा सच बोलने का प्रयास करो. हवा मैं बाते नहीं कर रहा मैं. मैंने थोडा experience किया है. So आप तरी कर सकते है.

क्या करना चाहिए की टीम आपको हमेशा संतुष्ट करने की कोशिश करती है. आपके के problem का solution मिल जाये बस. Because, हमें हमरे देश के youth generation को guide करने की ठानली है. हम लोग जो सच मैं कुछ करना चाहते है. उन्हें हमरे content से कुछ benefit मिले, यही इच्छा है. दोस्तों आपका प्रेम पूर्वक आभारी जो समय निकल के आप हमारा content पढ़ रहे. किसीको ऐसा लगता की YouTube channel चाहिए. तो निचे comment मैं बता सकते. हम आपकी सेवा की लिए हाज़िर है. धन्यवाद !