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शुगर कम करने के लिए क्या करना चाहिए? { How to control blood sugar (Diabetes) at Home in Hindi }

शुगर, मधुमेह, डाइबिटीज and कुछ लोग तो शक्कर की बीमारी. इस नाम से लोग बोलते है. मेरी घर मैं नानी है. उसे भी डाइबिटीज ( Diabetes ) है. महाराष्ट्रियन है. ओ बोलती है. मुझे ‘ साखर ’ है. कोई लोग बोलेगा. मुझे चीनी हुई है. कोई लोग बोलेंगे. मुझे मीठापण की बीमारी हुए है. इसका मतलब आप समज रहे हो. देश के कोने कोने मैं मधुमेह (Diabetes) की बीमारी हुई है. कितनी तेजी से ये बीमारी हर घर मैं पहुच गई है. डाइबिटीज एक आम बीमारी हो चुकी है. पहले बुढ़ापे मैं आती थी. but, आजकल की lifestyle की वजह से युआओं मैं भी आ चुकी है. देशी की एक कैपिटल बीमारी इसे कहते है. but इसे कोई seriously नही ले रहा है. और बुढ़ापे मैं इसे लेकर परेशान होते है. की, कैसे शुगर की कैसे कम किया जाये. कारण, डाइबिटीज (Diabetes) अगर हो गई तो, इसके साथ मैं होने वाली दूसरी बीमारी जल्दी ठीक नहीं होती. इससे हमारी इमुनिटी पॉवर पूरी तरह से कम हो जाती है. भारत मैं लगबग ७५ % लोगो को मधुमेह की बीमारी है.

मधुमेह होना मतलब क्या होता है. हमारे बॉडी मैं शुगर की मात्रा balance रखें के लिए हमारा शरीर इन्सुलिन बनाता है. अगर शरीर मैं इन्सुलिन बनना कम होगया. और बंद हो गया तो, इसे हम डाइबिटीज (Diabetes) और मधुमेह कहते है. आगाशय मैं इन्सुलिन बनने की procedure होती है. लोगो एक अलग तरह की गलत फेमि है. की, चीनी या मीठे प्रोडक्ट खाने से मधुमेह होता है. but , ऐसा बिलकुल भी नही होता है. इससे कोई फरक नहीं पडता की, आप कितने मात्रे मैं चीनी खा रहे है. आपके शरीर के कोशिकाये इन्सुलिन बनना कम करते है. तब ही शुगर की बीमारी चालू होती है. हलाकि, अभी तक इसके उपर कोई भी दवाई नहीं आई है. डॉक्टर आपको इन्सुलिन पैदा करने वाली कुछ दवाई दे देते है. जिसको मरीज खाना खाने से पहले लेता है. कुछ इन्सुलिन के इंजेक्शन भी रहते है. इतना भयंकर होता ह. की, बिना इंजेक्शन से खाना नहीं खाते है लोग. और अगर खा लिया तो, मौत भी हो सकती है. तो आप सोच कर देख लीजिये अभी से ही care करना है. या बुढ़ापे मैं बुरी तरह से परेशां होना है. health के बारे मैं थोडासा सोच लिया करे. ओह कहते है. “Health is Wealth” ओ एकदम सही sentence है.

इतना भी घबराने की जरुरत नहीं है. क्या करना चाहिए ने कुछ ऐसे घरेलु नुक्से लाये है. जिससे आपकी शुगर को कण्ट्रोल कर सकते है. और अगर किसीकी शुगर level ४८० और ३८० है. तो उसे home remedies कम किया जा सकता है. इस आर्टिकल मैं वही जान लेते है. उससे पहले आपके कुछ प्रश्न जान लेते है.

  1. शुगर तुरंत कम करने के उपाय
  2. शुगर कम करने की दवा
  3. शुगर कैसे चेक कर सकते है?
  4. डाइबिटीज (Diabetes) हिंदी मैं.
  5. डाइबिटीज का इलाज
  6. पतंजलि मैं शुगर का इलाज
  7. क्या शुगर हमेशा के लिए ठीक हो सकती है ?
  8. क्या खाने से इन्सुलिन बढ़ता है/
  9. शुगर की सबसे अच्छी दवा कोनसी है?
  10. शुगर कंट्रोल कैसे करे?
  11. शुगर कम करने के लिए क्या खाए ?
  12. शुगर का देसी इलाज
  13. शुगर के लक्षणे
  14. मधुमेह रोगियों के लिए आहार और सब्जिया.
  15. शुगर बढ़ जाये तो क्या करना चाहिए?  

मधुमेह (Diabetes) क्या होता है? ( what is Diabetes ?)      

मधुमेह (Diabetes) क्या होता है?

जब हमारे शरीर मैं पैंक्रियाज मैं इन्सुलिन पहुचना बंद होता है. तो खून मैं ग्लूकोज का स्तर का बढ़ जाता है. इसे स्तिथि को डाइबिटीज कहा जाता है. इन्सुलिन एक प्रकार का हार्मोन होता है. जोकी पाचक ग्रंथियों द्वारा बनाया जाता है. और इन्सुलिन उस भोजन को energy मैं convert करता है. और शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है. इस स्तिथि मैं बढ़ा हुआ ग्लूकोज हमारे शरीर को हानि पहुचना चालू करता है.

पहले मधुमेह ४० साल के उम्र के बाद हो जाता था. but, आज कल की lifestyle मैं ये बीमारी बच्ची को भी होती है. बहुत ही चिंताग्रस्त स्तिथि है. अनुवांशिक बीमार भी कहा जाता है. अगर किसी के दादा दादी को ये बीमारी है. तो ये आगे भो किसी को हो सकती है. ज्यादा तर जो लोग एक्सरसाइज नहीं करते. healthy food नहीं खाते. बार बार junk food का सेवन करते है. और मीठे पदार्थ का लगातर सेवन करते है. उन्हें मधुमेह होने की ज्यादा संभावना है. पतंजलि आयुर्वेद मैं बताया गया है. की, कफ के दोष के कारण ही मधुमेह का जन्म होता है.

डाइबिटीज लम्बे समय तक इलाज नहीं किया गया तो, हार्ट अटैक भी आ सकता है. मरीज की मौत स्ट्रोक से or हार्ट अटैक से हो जाती है. शरीर मैं ग्लूकोज का स्तर बहुत बढ़ जाता है. इसीलिए, हार्मोन का अचानक बदलाव हो जाता है, जिससे खून की नलिका प्रभावित होती है. जिससे धमनी नलिका मैं रुकावट आ सकती है. जिससे हार्ट अटैक की संभावना होती है. और दूसरा लम्बे समय तक इलाज नहीं किया तो आँखों की रेटिना को नुक्सान हो सकता है. जिससे मरीज की आंखे अंधी हो सकती है.

मधुमेह या शुगर होने के लक्षण : ( symptoms of Diabetes)

मधुमेह या शुगर होने के लक्षण : ( symptoms of Diabetes)
  • बार बार पिशाब आना.
  • आँखों की रोशनी कम होना.
  • ज्यादा प्यास लगना.
  • हांथो, पैरो और गुप्तांगो पर खुजली वाले जख्म
  • बार बार फोड़े आना.
  • चक्कर आना.
  • अगर कोई जख्म आई तो, जल्दी ठीक ना होना.
  • चिडचिडा करना.
  • उलटी का मन करना
  • मुह सुखना
  • वजन बढ़ना या अकाम होना.
  • इमुनिटी कम होना.
  • मोटापा आना.

डाइबिटीज के प्रकार ( Types of Diabetes in Hindi )

 डाइबिटीज के प्रकार ( Types of Diabetes in Hindi )

टाइप 1 :

इस प्रकार के मरीजो मैं इन्सुलिन आवश्यक्ता के नुसार नहीं बनती. so, इसे बाहर से इन्सुलिन देके कंट्रोल कर सकते है. और इसके आगाशय या पैंक्रियास की बीटा कौशिकंये इन्सुलिन नहीं बना पति इसका इलाज possible नहीं है. यह प्रकार बच्चो और १८,२० साल के उम्र मैं हो जाता है.

टाइप 2 :

इस प्रकार के मरीज मैं इन्सुलिन बनता तोह है. but, कम मात्रा बनता है. शरीर इसका ठीक तरह से उपयोग नहीं कर पाता. और कई बार इन्सुलिन अच्छे से कम नहीं कर पाता. इस प्रकार के मरीजो का उपचार उचित खानपान से नियंत्रित किया जा सकता है. ये ज्यादा तर बुढ़ापे मैं होता है.

डाइबिटीज को कम करने के लिए घरेलु उपाय ( Home Remedis for Diabetes in Hindi )

डाइबिटीज को कम करने के लिए घरेलु उपाय ( Home Remedis for Diabetes in Hindi )
  • अगर खून मैं शुगर की मात्रा बढ़ गई है. तो, दालचीनी का सेवन आहार मैं एक महीने तक करिए. शुगर की मात्रा कम हो जाएगी.
  • १० ग्राम आवला मैं 2 ग्राम हल्दी powder डालके दिन मैं 2 बार पिलिजिये. इससे शुगर मैं होने वाली समस्याओं को कम कर देता है.
  • डाइबिटीज कम करने के लिए ग्रीन टी बहुत लाभकारी होता है. ग्रीन टी मैं पोलिफिनौल्स होते है. इससे blood शुगर कम करने के हेल्प होती है.
  • नीम के पतों मैं इन्सुलिन को वापुस बनाने की पोषक तत्व होते है. जिससे शरीर की जो रक्त धमनीया होती है. उसमें खून का प्रवाह अच्छा हो जाता है. और शुगर कम करने के लिए पतंजलि आयुर्वेद मैं नीम के जूस को करगिर दवा माना जाता है.
  • आयुर्वेद मैं बताया गया है की, नीलबदरी के पत्ते डाइबिटीज के लिए  बहुत अच्छे है. इसमैं एंथोसाइनिडाइन्स काफी मात्रा मैं होता है. जो ग्लूकोज को saari बॉडी मैं भेजा जाता है. इससे पाचन शक्ति अच्छी होती है.
  • तुलसी एक एंटीओक्सिडेंट और जरुरी तत्व होते है. इन्सुलिन बनाने के कुछ पोषक तत्व होते है. डाइबिटीज जिसे हुआ है. ओ रोज तुलसी के ३,४ पत्ते खाये. शुगर कंट्रोल मैं आ जाएगी.
  • अमलतास की कुछ पत्तिया को जूस निकलकर रोज पिए. एक अच्छी दवा है.
  • नियमित मात्रा मैं खाना खाने के बाद सौफ खाए. इससे डाइबिटीज कंट्रोल मैं रहती है.
  • अगर आपको डाइबिटीज है. तो रोज करेला जूस पिलिजिये. इससे १०० % शुगर कम हो जाएगी. इसके साथ आप खीरा, गाजर भी खा सकते है.
  • जामुन के बिज मैं जाम्बोलिन और जम्बोसिं नाम के पोषक तत्व होते है. जिससे बॉडी मैं होनेवाली चीनी और शुगर की मात्रा धीमी कर देती है. और इससे इन्सुलिन बनाने का गुणधर्म भी होता है. अगर आप रोज जामुन आहार मैं ले सकते है. तो आपकी शुगर हमेशा कंट्रोल मैं रहेगी.
  • बेल के पत्तो को पीसकर उस मैं कलि मिर्च और काला नमक डालकर पानी मैं मिलकर पि लीजिये. जिससे आपकी शुगर की मात्र कम हो जाती है.

डाइबिटीज के लिए गुणकारी काढ़ा.  

डाइबिटीज के लिए गुणकारी काढ़ा
  1. गरम पानी मैं नीम के पाती डालिए.
  2. अद्रक डालिए.
  3. तुलसी के पत्ते डालिए.
  4. मेथी के दाने डालिए.
  5. सबको एक साथ गर्म कीजिये.
  6. शोद के लीजिये ओ पानी. और रोज सुबह पिलिजिये.
  7. taste के कोकम भी दल सकते है. नहीं तो, जामुन का सिरका.
  8. १ month मैं आपकी शुगर कम हो जाएगी.

जब किसी को डाइबिटीज ((Diabetes) के लक्षण दिखाए दिए तो, तुरंत ही

डॉक्टर के पास जाना चाहिए. beacuse, डॉक्टर के अनुसार ही आहार, मेडिसिन और जीवनशैली मैं परिवर्तन लाना चाहिये. मधुमेह है या नहीं. ये चेक करने के लिय डॉक्टर कुछ test भी लेते है. ग्लूकोज फास्टिंग test, ग्लूकोज टॉलरेंस test, एचबीए1सी test, रैंडम प्लाज्मा ग्लूकोज कुछ इस type के test होते है. जिससे आपको समज मैं आ जायेगा की, मधुमेह हुआ है या नहीं.

और कोई टेंशन लेनें की बात नहीं है, दोस्तों, किसी भी समस्या से डरने का नहीं है. डटकर उसका सामना करना है. क्या करना चाहिए के आर्टिकल का कम यही है. आपको समाधान करक solution और motivation मिले.      

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